कोरोना वैक्सीन पर नाना पटोले का बड़ा दावा, कहा- कैंसर और हार्ट अटैक के मामले बढ़े; ICMR स्टडी ने किया खारिज

कोरोना वैक्सीन पर नाना पटोले का बड़ा दावा, कहा- कैंसर और हार्ट अटैक के मामले बढ़े; ICMR स्टडी ने किया खारिज

Coronavirus Vaccine Heart Attack Claim: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक नाना पटोले ने कोरोना वैक्सीन को लेकर एक गंभीर दावा किया है। गोंदिया जिले के आमगांव में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और नागरिकों को संबोधित करते हुए पटोले ने कहा कि कोरोना रोधी वैक्सीन लगने के बाद लोगों में कैंसर और हार्ट अटैक के मामले बड़े पैमाने पर बढ़े हैं। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान चलाए गए बड़े पैमाने के टीकाकरण अभियान और तत्कालीन केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए।

पटोले ने अपने भाषण में दावा किया कि वैक्सीन लगवाने वाले लोगों में अचानक हार्ट अटैक से मौत और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई वैज्ञानिक अध्ययन या ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।

पिछले साल सरकार ने दावे को किया था खारिज

कोरोना वैक्सीन और अचानक होने वाली मौतों के बीच संबंध के ऐसे आरोपों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय पहले ही स्पष्टीकरण दे चुका है। पिछले साल जुलाई में केंद्र सरकार ने कहा था कि देश में अचानक और बिना स्पष्ट कारण होने वाली मौतों की कई एजेंसियों के माध्यम से जांच की गई है। इन अध्ययनों में कोविड-19 टीकाकरण और अचानक होने वाली मौतों के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ।

सरकार के अनुसार, ICMR और NCDC के अध्ययनों से भारत में इस्तेमाल की गई कोविड-19 वैक्सीन को सुरक्षित और प्रभावी पाया गया है। गंभीर दुष्प्रभाव बेहद दुर्लभ बताए गए हैं।

युवाओं की अचानक मौत पर हुई थी बड़ी स्टडी

केंद्र सरकार के अनुसार, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE) ने 18 से 45 वर्ष की उम्र के उन लोगों पर अध्ययन किया था, जो स्वस्थ दिखाई देते थे लेकिन अक्टूबर 2021 से मार्च 2023 के बीच अचानक मौत का शिकार हुए।

यह अध्ययन मई से अगस्त 2023 के बीच देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 बड़े अस्पतालों में किया गया था। अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, कोविड-19 वैक्सीन से युवाओं में बिना स्पष्ट कारण होने वाली अचानक मौत का जोखिम बढ़ने का कोई प्रमाण नहीं मिला।

सरकार ने यह भी बताया था कि अचानक होने वाली हृदय संबंधी मौतों के पीछे आनुवंशिक कारण, जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियां और कोविड के बाद होने वाली स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं समेत कई संभावित कारण हो सकते हैं।

AIIMS की स्टडी में हार्ट अटैक प्रमुख कारण

अचानक होने वाली मौतों के कारणों को समझने के लिए AIIMS दिल्ली, ICMR के सहयोग और वित्तीय सहायता से एक अन्य अध्ययन भी कर रहा है। यह अध्ययन युवाओं में अचानक होने वाली मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए किया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक, इस अध्ययन के शुरुआती आंकड़ों में हार्ट अटैक यानी मायोकार्डियल इंफार्क्शन (MI) अचानक होने वाली मौतों का प्रमुख कारण सामने आया है। हालांकि, अभी अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किए गए हैं।

शुरुआती विश्लेषण में कई मामलों में आनुवंशिक बदलाव भी संभावित कारण के रूप में सामने आने की बात कही गई है। अध्ययन पूरा होने के बाद इसके अंतिम परिणाम साझा किए जाएंगे।

वैज्ञानिक प्रमाण के बिना दावे से वैक्सीन को लेकर भ्रम बढ़ने का खतरा

सरकार और वैज्ञानिक विशेषज्ञों ने पहले ऐसे दावों को वैज्ञानिक प्रमाण के अभाव में भ्रामक और गलत बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक होने वाली मौतों को सीधे कोविड वैक्सीन से जोड़ने के लिए ठोस वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी हैं।

ऐसे दावों से लोगों में वैक्सीन को लेकर भ्रम और डर बढ़ सकता है। कोविड महामारी के दौरान टीकाकरण ने गंभीर बीमारी और मौत के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक अध्ययनों और प्रमाणों को आधार बनाने की सलाह देते हैं।

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