साधु के वेश में ठग:महिलाओं को पति-बेटे की मौत का डर दिखाकर बना रहे निशाना, 2 दिन में 29 लाख के गहने ठगे

साधु के वेश में ठग:महिलाओं को पति-बेटे की मौत का डर दिखाकर बना रहे निशाना, 2 दिन में 29 लाख के गहने ठगे

‘बहन, आपके घर पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है… पति या बेटे की जान को खतरा है। पूजा-पाठ कराने से सब ठीक हो जाएगा।’ सड़क पर अचानक कोई अनजान व्यक्ति अगर आपसे ऐसी बातें कहे तो सतर्क हो जाएं। दरअसल, राजधानी रांची में उत्तराखंड का एक शातिर गिरोह सक्रिय है, जो महिलाओं को मनोवैज्ञानिक डर में फंसाकर जेवर ठग रहा है। ठग सबसे पहले महिलाओं को उनके पति या बेटे की जान को खतरा बताते हैं। वे महिलाओं के मन में डर बैठाते हैं और फिर धार्मिक बातें, पूजा-पाठ और संकट टालने का भरोसा देकर बातचीत में उलझाते हैं। जैसे ही महिला को अजनबी पर भरोसा हो जाता है, ठग पूजा-पाठ की विधि बताकर उसके गहने उतरवा लेते हैं। महिला को लगता है कि वह अपने परिवार को बचाने के लिए पूजा की प्रक्रिया पूरी कर रही है, तभी ठग उससे कहते हैं… ‘पीछे मुड़कर मत देखना, 51 कदम आगे चलो।’ जब तक महिला मुड़ती है, ठग जेवर समेटकर रफूचक्कर हो चुका होता है। बीते 6 महीने में शहर के अलग-अलग इलाकों से इस तरह के करीब आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। उत्तराखंड का ठग गिरोह रांची पहुंचा केस 1 : (3 सितंबर, सुखदेवनगर) : वाल्मीकि नगर निवासी दिवंगत जेल अधीक्षक की पत्नी रेणु कुशवाहा (62) मंदिर से लौट रही थीं। खुद को अयोध्या का पंडित बताने वाले ठग ने मंत्र से गहने सुरक्षित करने का झांसा देकर चेन, कंगन, चूड़ियां व अंगूठी उतरवा ली। महिला को 10 कदम आगे भेजा और करीब 20 लाख के गहने लेकर भाग गया। केस 2 : (4 सितंबर, पुंदाग ओपी) : ढीपाटोली नागा टावर निवासी चिंता बरनवाल फल लेने निकली थीं। दो ठगों ने छोटे बेटे पर दैवीय प्रकोप का डर दिखाया। लाजपत राय कॉलोनी मोड़ के पास महिला से सोने की चूड़ी, चेन और अंगूठियां उतरवाईं और 51 कदम आगे चलने को कहा। महिला कदम गिनती रही और ठग 9 लाख के जेवर लेकर चंपत हो गए। पंडरा में शोर मचाने पर भागे ठग पंडरा ओपी क्षेत्र के राधा नगर की रहने वाली सुनीता देवी (65) सामान लेकर लौट रही थीं। साधु के वेश में आए दो ठगों ने परिवार पर विपत्ति आने की बात कहकर डराने की कोशिश की। सुनीता ने शोर मचाना शुरू कर दिया। भीड़ जुटती देख दोनों ठग मौके से भाग निकले। 7 स्टेप्स में समझें ठगी का तरीका… सुनसान सड़क या मोहल्ले में अकेली जा रही महिला को रोकते हैं। बातचीत में परिवार, पति व बच्चों की जानकारी जुटाते हैं। ‘पति बीमार होगा’, ‘बेटे पर संकट है’ या ‘मौत का योग है’ कह डराते हैं। डर बैठाने के तुरंत बाद विशेष पूजा का झांसा देते हैं। पूजा के बहाने महिला से जेवर उतरवाकर कागज या कपड़े में बंधवाते हैं। ‘पीछे मत देखना’ कहकर 10, 21 या 51 कदम आगे चलने को कहते हैं। महिला जैसे ही कदम गिनने में उलझती है, ठग जेवर समेटकर फरार हो जाते हैं। ऐसे करें बचाव… अनजान व्यक्ति से अपने परिवार, बच्चों या निजी बातों की चर्चा न करें। ‘मौत का साया’ या ‘संकट टालने के लिए पूजा’ जैसी बातें करने वालों से तुरंत दूरी बनाएं। ठग किसी सुनसान गली या मंदिर चलने को कहे तो कतई न जाएं।
असहज महसूस होते ही शोर मचाएं और तुरंत परिजनों को फोन लगाएं। संदिग्ध व्यक्ति का हुलिया, बोली, कपड़े और गाड़ी का नंबर याद रखने का प्रयास करें। घटना होते ही बिना देर किए पुलिस को सूचना दें। डर लोगों के सोचने-समझने की क्षमता खत्म कर देता है इस ठगी में अंधविश्वास से ज्यादा रोल मानसिक दबाव का है। जब किसी महिला को कहा जाता है कि उसके पति या बेटे की जान को खतरा है, तो वह जेवर से ज्यादा परिवार की सुरक्षा को तरजीह देती है। अनहोनी का अचानक पैदा हुआ यह भय सामान्य निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कुछ सेकंड रुकें, तुरंत परिजनों से संपर्क करें और किसी अजनबी पर भरोसा न करें। डॉ. पवन बरनवाल, मनोचिकित्सक, रांची सतर्क रहें… किसी संदिग्ध के दिखते ही पुलिस को दें सूचना उत्तराखंड का एक गिरोह रांची में सक्रिय है। ये लोग साधु के वेश में घूमकर खासकर महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। पुलिस को अहम इनपुट मिले हैं और इनकी धरपकड़ के लिए पड़ताल जारी है। नागरिक सतर्क रहें और कोई भी संदिग्ध दिखे तो फौरन पुलिस को सूचित करें।’ – पारस राणा, सिटी एसपी, रांची ‘बहन, आपके घर पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है… पति या बेटे की जान को खतरा है। पूजा-पाठ कराने से सब ठीक हो जाएगा।’ सड़क पर अचानक कोई अनजान व्यक्ति अगर आपसे ऐसी बातें कहे तो सतर्क हो जाएं। दरअसल, राजधानी रांची में उत्तराखंड का एक शातिर गिरोह सक्रिय है, जो महिलाओं को मनोवैज्ञानिक डर में फंसाकर जेवर ठग रहा है। ठग सबसे पहले महिलाओं को उनके पति या बेटे की जान को खतरा बताते हैं। वे महिलाओं के मन में डर बैठाते हैं और फिर धार्मिक बातें, पूजा-पाठ और संकट टालने का भरोसा देकर बातचीत में उलझाते हैं। जैसे ही महिला को अजनबी पर भरोसा हो जाता है, ठग पूजा-पाठ की विधि बताकर उसके गहने उतरवा लेते हैं। महिला को लगता है कि वह अपने परिवार को बचाने के लिए पूजा की प्रक्रिया पूरी कर रही है, तभी ठग उससे कहते हैं… ‘पीछे मुड़कर मत देखना, 51 कदम आगे चलो।’ जब तक महिला मुड़ती है, ठग जेवर समेटकर रफूचक्कर हो चुका होता है। बीते 6 महीने में शहर के अलग-अलग इलाकों से इस तरह के करीब आधा दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। उत्तराखंड का ठग गिरोह रांची पहुंचा केस 1 : (3 सितंबर, सुखदेवनगर) : वाल्मीकि नगर निवासी दिवंगत जेल अधीक्षक की पत्नी रेणु कुशवाहा (62) मंदिर से लौट रही थीं। खुद को अयोध्या का पंडित बताने वाले ठग ने मंत्र से गहने सुरक्षित करने का झांसा देकर चेन, कंगन, चूड़ियां व अंगूठी उतरवा ली। महिला को 10 कदम आगे भेजा और करीब 20 लाख के गहने लेकर भाग गया। केस 2 : (4 सितंबर, पुंदाग ओपी) : ढीपाटोली नागा टावर निवासी चिंता बरनवाल फल लेने निकली थीं। दो ठगों ने छोटे बेटे पर दैवीय प्रकोप का डर दिखाया। लाजपत राय कॉलोनी मोड़ के पास महिला से सोने की चूड़ी, चेन और अंगूठियां उतरवाईं और 51 कदम आगे चलने को कहा। महिला कदम गिनती रही और ठग 9 लाख के जेवर लेकर चंपत हो गए। पंडरा में शोर मचाने पर भागे ठग पंडरा ओपी क्षेत्र के राधा नगर की रहने वाली सुनीता देवी (65) सामान लेकर लौट रही थीं। साधु के वेश में आए दो ठगों ने परिवार पर विपत्ति आने की बात कहकर डराने की कोशिश की। सुनीता ने शोर मचाना शुरू कर दिया। भीड़ जुटती देख दोनों ठग मौके से भाग निकले। 7 स्टेप्स में समझें ठगी का तरीका… सुनसान सड़क या मोहल्ले में अकेली जा रही महिला को रोकते हैं। बातचीत में परिवार, पति व बच्चों की जानकारी जुटाते हैं। ‘पति बीमार होगा’, ‘बेटे पर संकट है’ या ‘मौत का योग है’ कह डराते हैं। डर बैठाने के तुरंत बाद विशेष पूजा का झांसा देते हैं। पूजा के बहाने महिला से जेवर उतरवाकर कागज या कपड़े में बंधवाते हैं। ‘पीछे मत देखना’ कहकर 10, 21 या 51 कदम आगे चलने को कहते हैं। महिला जैसे ही कदम गिनने में उलझती है, ठग जेवर समेटकर फरार हो जाते हैं। ऐसे करें बचाव… अनजान व्यक्ति से अपने परिवार, बच्चों या निजी बातों की चर्चा न करें। ‘मौत का साया’ या ‘संकट टालने के लिए पूजा’ जैसी बातें करने वालों से तुरंत दूरी बनाएं। ठग किसी सुनसान गली या मंदिर चलने को कहे तो कतई न जाएं।
असहज महसूस होते ही शोर मचाएं और तुरंत परिजनों को फोन लगाएं। संदिग्ध व्यक्ति का हुलिया, बोली, कपड़े और गाड़ी का नंबर याद रखने का प्रयास करें। घटना होते ही बिना देर किए पुलिस को सूचना दें। डर लोगों के सोचने-समझने की क्षमता खत्म कर देता है इस ठगी में अंधविश्वास से ज्यादा रोल मानसिक दबाव का है। जब किसी महिला को कहा जाता है कि उसके पति या बेटे की जान को खतरा है, तो वह जेवर से ज्यादा परिवार की सुरक्षा को तरजीह देती है। अनहोनी का अचानक पैदा हुआ यह भय सामान्य निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कुछ सेकंड रुकें, तुरंत परिजनों से संपर्क करें और किसी अजनबी पर भरोसा न करें। डॉ. पवन बरनवाल, मनोचिकित्सक, रांची सतर्क रहें… किसी संदिग्ध के दिखते ही पुलिस को दें सूचना उत्तराखंड का एक गिरोह रांची में सक्रिय है। ये लोग साधु के वेश में घूमकर खासकर महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। पुलिस को अहम इनपुट मिले हैं और इनकी धरपकड़ के लिए पड़ताल जारी है। नागरिक सतर्क रहें और कोई भी संदिग्ध दिखे तो फौरन पुलिस को सूचित करें।’ – पारस राणा, सिटी एसपी, रांची  

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