बक्सर के चौसा प्रखंड के बहादुरपुर गांव के रहने वाले 32 वर्षीय पिंटू सिंह की रविवार शाम हैदराबाद में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह रोजी-रोटी के लिए हैदराबाद गए थे। हादसे के बाद शव की पहचान होने पर सोमवार को पुलिस ने उनके परिवार को सूचना दी। खबर मिलते ही गांव में उनके घर पर मातम छा गया। पिंटू की पत्नी, मां और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिंटू सिंह स्वर्गीय जीता सिंह के बेटे थे। वह हैदराबाद की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कंटेनर ड्राइवर के तौर पर काम करते थे। रविवार को वह जय भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी से सामान लेकर विजयवाड़ा के लिए निकले थे। हैदराबाद से करीब 150 किलोमीटर दूर सूर्यापेट जिले के पहाड़ी इलाके में उनका कंटेनर आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि कंटेनर में दबने से पिंटू सिंह की मौके पर ही जान चली गई। पहचान होने के बाद परिवार को दी गई सूचना हादसे के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पहचान होने के बाद सोमवार को पुलिस ने पिंटू के परिवार को हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग गहरे सदमे में आ गए। परिजनों ने हैदराबाद में रहने वाले आसपास के चार-पांच युवकों को भी घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे मौके पर पहुंचकर पुलिस से संपर्क करने लगे। एक महीने पहले ही घर से हैदराबाद लौटे थे पिंटू परिजनों के मुताबिक, पिंटू करीब एक महीने पहले चौसा आए थे। कुछ दिन घर में रहने के बाद वह दोबारा काम के लिए हैदराबाद चले गए थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उनके परिवार में पत्नी, छह साल और ढाई साल के दो बेटे, मां और दो छोटे भाई हैं। पोस्टमार्टम और शव लाने में देरी का आरोप इधर, परिजनों ने हैदराबाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहचान होने के बाद भी पोस्टमार्टम और शव को चौसा लाने में देरी हो रही है। परिजन जल्द से जल्द शव गांव लाकर अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। पूर्व जिला परिषद सदस्य ने परिजनों को दी सांत्वना घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज यादव ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने पोस्टमार्टम और शव को गांव लाने की व्यवस्था में मदद के लिए स्थानीय पुलिस-प्रशासन से संपर्क करने की बात कही। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द शव को गांव पहुंचाने में सहयोग की मांग की है। बक्सर के चौसा प्रखंड के बहादुरपुर गांव के रहने वाले 32 वर्षीय पिंटू सिंह की रविवार शाम हैदराबाद में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह रोजी-रोटी के लिए हैदराबाद गए थे। हादसे के बाद शव की पहचान होने पर सोमवार को पुलिस ने उनके परिवार को सूचना दी। खबर मिलते ही गांव में उनके घर पर मातम छा गया। पिंटू की पत्नी, मां और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिंटू सिंह स्वर्गीय जीता सिंह के बेटे थे। वह हैदराबाद की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कंटेनर ड्राइवर के तौर पर काम करते थे। रविवार को वह जय भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी से सामान लेकर विजयवाड़ा के लिए निकले थे। हैदराबाद से करीब 150 किलोमीटर दूर सूर्यापेट जिले के पहाड़ी इलाके में उनका कंटेनर आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि कंटेनर में दबने से पिंटू सिंह की मौके पर ही जान चली गई। पहचान होने के बाद परिवार को दी गई सूचना हादसे के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। पहचान होने के बाद सोमवार को पुलिस ने पिंटू के परिवार को हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग गहरे सदमे में आ गए। परिजनों ने हैदराबाद में रहने वाले आसपास के चार-पांच युवकों को भी घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे मौके पर पहुंचकर पुलिस से संपर्क करने लगे। एक महीने पहले ही घर से हैदराबाद लौटे थे पिंटू परिजनों के मुताबिक, पिंटू करीब एक महीने पहले चौसा आए थे। कुछ दिन घर में रहने के बाद वह दोबारा काम के लिए हैदराबाद चले गए थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। उनके परिवार में पत्नी, छह साल और ढाई साल के दो बेटे, मां और दो छोटे भाई हैं। पोस्टमार्टम और शव लाने में देरी का आरोप इधर, परिजनों ने हैदराबाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहचान होने के बाद भी पोस्टमार्टम और शव को चौसा लाने में देरी हो रही है। परिजन जल्द से जल्द शव गांव लाकर अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। पूर्व जिला परिषद सदस्य ने परिजनों को दी सांत्वना घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज यादव ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने पोस्टमार्टम और शव को गांव लाने की व्यवस्था में मदद के लिए स्थानीय पुलिस-प्रशासन से संपर्क करने की बात कही। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द शव को गांव पहुंचाने में सहयोग की मांग की है।

