‘मोदी और देवी देवताओं को गाली दे रही थी नीशू’:जंतर-मंतर मारपीट केस में गिरफ्तार स्वतंत्र के चाचा बोले- लड़की के पिता को भी अरेस्ट करो

‘मोदी और देवी देवताओं को गाली दे रही थी नीशू’:जंतर-मंतर मारपीट केस में गिरफ्तार स्वतंत्र के चाचा बोले- लड़की के पिता को भी अरेस्ट करो

‘स्वतंत्र को राजनीति करके फंसाया जा रहा है। मुद्दे पर हर पार्टी राजनीति कर रही है। उसे एक अपराधी छवि के रूप में दिखाया जा रहा है। दो बच्चों के बीच का मामला है, उसे राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जा रहा है। हमें एकतरफा कार्रवाई मंजूर नहीं है। स्वतंत्र हमारा बच्चा है। वो हमेशा हिंदुत्व की बात करता है। जातिवाद की बात नहीं करता है। न्याय हो, हमलोग उसके साथ मजबूती के साथ खड़े हैं। नीशू ने प्रधानमंत्री और देवी देवाताओं को गाली दी थी। स्वतंत्र ने उसी का विरोध किया था। लड़की के पिता की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए।’ ये बातें स्वतंत्र भारद्वाज के शिक्षक चाचा अजीत झा ने कही है। दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जून को CJP प्रोटस्ट हुआ था। इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय आजाद से मारपीट हुई। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को कंटेंट क्रिएटर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया था, फिलहाल वो दिल्ली पुलिस के कस्टडी में है। इसको लेकर दरभंगा में परिजन काफी आक्रोश है। वे न्याय की बात कर रहे हैं। भास्कर की टीम स्वतंत्र के पैतृक गांव ओझौल पहुंची। वहां परिजन ने क्या कहा? स्वतंत्र और उसका फैमिली बैग्राउंड क्या है? पढ़ें रिपोर्ट… पहले स्वतंत्र के घर की कुछ तस्वीरें… घर पर स्वतंत्र के 3 चाचा, पिता दिल्ली गए भास्कर की टीम स्वतंत्र के गांव पहुंची तो वहां उसके तीन चाचा मिले। तीनों में स्वतंत्र को लेकर काफी कुछ कहा। एक अपने भतीजे के बारे में बोलते-बोलते रोने लगे। वहीं, स्वतंत्र के पिता दिल्ली गए हैं। इस कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। वहीं, इसके अवाला आसपास के लोगों ने भी स्वतंत्र का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वे उसके साथ हैं। प्रदर्शन में आपत्तिजनक टिप्पणी का स्वतंत्र ने विरोध किया था परिवार के अनुसार स्वतंत्र दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहता था। सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर अपनी बातें रखता था। इसी दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में वो पहुंचा था। प्रदर्शन में नीशू आजाद हिन्दू देवी-देवताओं और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी कर रही थी। इसपर स्वतंत्र ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। कार्रवाई दोनों पक्षों पर हो स्वतंत्र के चाचा सुजीत झा ने कहा कि परिवार कानून और न्यायपालिका का सम्मान करता है। अगर स्वतंत्र से गलती हुई है तो कानून अपना काम करे, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। उसपर जो एक्ट लगाए गए हैं हम उसे गलत मानते हैं। यदी घटना में दोनों पक्षों की भूमिका रही है तो जांच भी दोनों पक्षों की होनी चाहिए। इतनी छोटी घटना को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। देश में इससे बड़े कई मुद्दे हैं, लेकिन इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है। नीशू के पिता की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए स्वतंत्र के दूसरे चाचा रंजित ने कहा कि स्वतंत्र पर पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी थोपा जा रहा है। दो गुटों के बीच मामूली झड़प थी। पुलिस चाहती तो इसे तुरंत सुलझा सकती थी। स्वतंत्र ने नीशू के पिता संजय को वीडियो बंद करने के लिए बोला था। हाथ में कड़ा पहन रखा था। झड़प में कड़े से लग गई। जैसे स्वतंत्र गिरफ्तार हुआ है, उसी तरह से संजय को भी गिरफ्तार होना चाहिए। धार्मिक मुद्दों पर बोलता रहा है स्वतंत्र ग्रामीण सोनू झा कहते हैं कि स्वतंत्र का गांव से पुराना जुड़ाव है। वो समय-समय पर गांव आता था। स्वतंत्र शुरू से ही धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलता रहा है। स्वतंत्र को रानीति करके फंसाया जा रहा है। पूरे मामले में पुलिस और न्यायालय की प्रक्रिया का परिणाम आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कोरोना काल में हजारों लोगों को खाना खिलाया था परिजन के अनुसार स्वतंत्र का जन्म भागलपुर के नवगछिया में हुआ था। घर में उसे प्यार से शगुन नाम से बुलाया जाता है। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर इंटर तक की पढ़ाई पटना में हुई। इसके बाद वो दिल्ली विवि में स्नातक पूरी की। इसके बाद उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। परिजन के अनुसार दिल्ली में उसने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। कोरोना काल में उसने रोटी बैंक से हजारों लोगों को खाना खिलाया था। स्वतंत्र का फैमिली बैग्राउंड स्वतंत्र के पिता रणधीर कुमार झा 5 भाई हैं। सबसे बड़े लोकनाथ झा हैं, जो डिफेंस से रिटायर्ड हुए हैं और अभी बीमा कंपनी में मैनेजर हैं। दूसरे नंबर पर रणधीर झा हैं, जो बिहार सरकार के निगरानी विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं। तीसरे रंजित कुमार झा हैं, ये भी बीमा कंपनी में मैनेजर के पद पर हैं। चौथे अजीत कुमार झा हैं, ये दरभंगा में टीचर हैं। सबसे छोटे सुजीत कुमार झा आईडीबीआई बैंक में काम करते हैं। वहीं, मां चांदनी देवी पटना हाईकोर्ट में वकील हैं। बड़ी बहन बीएड कर रही है। स्वतंत्र के दादा भी बिहार पुलिस में थे। परिवार के लोगों ने बताया कि स्वतंत्र के माता-पिता हर साल छठ, दीपावली और होली जैसे पर्वों पर गांव आते हैं। स्वतंत्र का भी गांव आना-जाना लगा रहता है। पढ़ाई और यूपीएससी की तैयारी के कारण उसका ज्यादातर समय दिल्ली में ही गुजरता है। अब जानें स्वतंत्र का नाम अभी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में क्यों है…. 2 अगस्त को एक यूट्यूब चैनल पर स्वतंत्र का करीब 1 घंटे का पॉडकास्ट रिलीज हुआ। इसमें उसने बेहद विवादित भाषा में खास तौर पर मुस्लिम, आरक्षण और कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर कई बयान दिए। स्वतंत्र ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट के दौरान की घटना का जिक्र करते हुए खुद ही दावा किया कि उस पर हत्या की कोशिश का मामला चलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्वतंत्र कहता है, ‘नीशू के बाप का हम सिर फाड़े। इसमें हाफ मर्डर की धारा 307 लगती है। सर पर 60 टांका लगा हुआ था, बंदा मरने की स्थिति में एम्बुलेंस में जा रहा था। उसकी बेटी थाने के बाहर कह रही थी कि अगर मेरे पिता को इंसाफ नहीं मिला, तो हम जहर खाकर जान दे देंगे। स्वतंत्र अगले दिन बाहर। पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि हम जेल भी नहीं गए, रात भर घूम रहे थे।’ स्वतंत्र आगे कहता है कि वो इसलिए बचा, क्योंकि उस पर हनुमान की कृपा है और कपिल मिश्र, चिराग पासवान उसके बड़े भैया हैं।’ स्वतंत्र ने पॉडकास्ट में कहा, ‘आप मेरा जूता देख सकते हैं? ये जूता दिल्ली पुलिस का है। मैंने कोई फॉर्म नहीं भरा, लेकिन मैं दिल्ली पुलिस की तरह घूमता हूं।’ CJP का भी आरोप है कि प्रोटेस्ट के दौरान सादे कपड़ों में कई अज्ञात लोग लाठियां लहराते और प्रदर्शनकारियों पर हमला करते देखे गए थे। स्वतंत्र की क्लिप वायरल होने के बाद राहुल गांधी, सांसद चंद्रशेखर आजाद और आम आदमी पार्टी के विपक्षी नेताओं ने बीजेपी और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग की थी। CJP प्रोटेस्ट के दौरान स्वतंत्र ने किया क्या था? इस मामले में दर्ज FIR के मुताबिक, 23 जून की शाम करीब 5:30 बजे जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल एक स्टूडेंट नीशू आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला हुआ। गाजियाबाद में रहने वाले 38 साल के संजय ने बताया कि मैं फोन से प्रोटेस्ट की रिकॉर्डिंग कर रहा था। तभी एक लड़का बहस करने लगा। मैंने कहा कि मैं उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कर रहा। बहस बढ़ी, तो 2-3 लोग और पहुंचे। उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया। सिर पर कई घूंसे मारे। लोहे के कड़े जैसी किसी चीज से हमला किया। इसके बाद पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथी सूरज कुमार को गिरफ्तार करके ले गई। जबकि संजय को दिल्ली के RML हॉस्पिटल ले जाया गया और मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि उनके सिर पर दो गहरे घाव हैं। हालांकि नीशू ने 24 जून को अपने ट्विटर अकाउंट से दो वीडियो पोस्ट किए थे। एक में वो रोते हुए बता रही हैं कि थोड़ी देर पहले कुछ लोगों ने उनके पिता पर हमला किया है। दूसरे वीडियो के कैप्शन में नीशू ने लिखा- ‘इन्हीं लोगों ने पापा पर हमला किया है। दिल्ली पुलिस से रिक्वेस्ट है कि इनको गिरफ्तार करके निष्पक्ष जांच के बाद सख्त सजा दी जाए। ‘स्वतंत्र को राजनीति करके फंसाया जा रहा है। मुद्दे पर हर पार्टी राजनीति कर रही है। उसे एक अपराधी छवि के रूप में दिखाया जा रहा है। दो बच्चों के बीच का मामला है, उसे राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जा रहा है। हमें एकतरफा कार्रवाई मंजूर नहीं है। स्वतंत्र हमारा बच्चा है। वो हमेशा हिंदुत्व की बात करता है। जातिवाद की बात नहीं करता है। न्याय हो, हमलोग उसके साथ मजबूती के साथ खड़े हैं। नीशू ने प्रधानमंत्री और देवी देवाताओं को गाली दी थी। स्वतंत्र ने उसी का विरोध किया था। लड़की के पिता की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए।’ ये बातें स्वतंत्र भारद्वाज के शिक्षक चाचा अजीत झा ने कही है। दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जून को CJP प्रोटस्ट हुआ था। इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी की कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय आजाद से मारपीट हुई। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को कंटेंट क्रिएटर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया था, फिलहाल वो दिल्ली पुलिस के कस्टडी में है। इसको लेकर दरभंगा में परिजन काफी आक्रोश है। वे न्याय की बात कर रहे हैं। भास्कर की टीम स्वतंत्र के पैतृक गांव ओझौल पहुंची। वहां परिजन ने क्या कहा? स्वतंत्र और उसका फैमिली बैग्राउंड क्या है? पढ़ें रिपोर्ट… पहले स्वतंत्र के घर की कुछ तस्वीरें… घर पर स्वतंत्र के 3 चाचा, पिता दिल्ली गए भास्कर की टीम स्वतंत्र के गांव पहुंची तो वहां उसके तीन चाचा मिले। तीनों में स्वतंत्र को लेकर काफी कुछ कहा। एक अपने भतीजे के बारे में बोलते-बोलते रोने लगे। वहीं, स्वतंत्र के पिता दिल्ली गए हैं। इस कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। वहीं, इसके अवाला आसपास के लोगों ने भी स्वतंत्र का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वे उसके साथ हैं। प्रदर्शन में आपत्तिजनक टिप्पणी का स्वतंत्र ने विरोध किया था परिवार के अनुसार स्वतंत्र दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहता था। सनातन धर्म से जुड़े मुद्दों पर अपनी बातें रखता था। इसी दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में वो पहुंचा था। प्रदर्शन में नीशू आजाद हिन्दू देवी-देवताओं और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी कर रही थी। इसपर स्वतंत्र ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। कार्रवाई दोनों पक्षों पर हो स्वतंत्र के चाचा सुजीत झा ने कहा कि परिवार कानून और न्यायपालिका का सम्मान करता है। अगर स्वतंत्र से गलती हुई है तो कानून अपना काम करे, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। उसपर जो एक्ट लगाए गए हैं हम उसे गलत मानते हैं। यदी घटना में दोनों पक्षों की भूमिका रही है तो जांच भी दोनों पक्षों की होनी चाहिए। इतनी छोटी घटना को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। देश में इससे बड़े कई मुद्दे हैं, लेकिन इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है। नीशू के पिता की भी गिरफ्तारी होनी चाहिए स्वतंत्र के दूसरे चाचा रंजित ने कहा कि स्वतंत्र पर पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी थोपा जा रहा है। दो गुटों के बीच मामूली झड़प थी। पुलिस चाहती तो इसे तुरंत सुलझा सकती थी। स्वतंत्र ने नीशू के पिता संजय को वीडियो बंद करने के लिए बोला था। हाथ में कड़ा पहन रखा था। झड़प में कड़े से लग गई। जैसे स्वतंत्र गिरफ्तार हुआ है, उसी तरह से संजय को भी गिरफ्तार होना चाहिए। धार्मिक मुद्दों पर बोलता रहा है स्वतंत्र ग्रामीण सोनू झा कहते हैं कि स्वतंत्र का गांव से पुराना जुड़ाव है। वो समय-समय पर गांव आता था। स्वतंत्र शुरू से ही धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलता रहा है। स्वतंत्र को रानीति करके फंसाया जा रहा है। पूरे मामले में पुलिस और न्यायालय की प्रक्रिया का परिणाम आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कोरोना काल में हजारों लोगों को खाना खिलाया था परिजन के अनुसार स्वतंत्र का जन्म भागलपुर के नवगछिया में हुआ था। घर में उसे प्यार से शगुन नाम से बुलाया जाता है। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर इंटर तक की पढ़ाई पटना में हुई। इसके बाद वो दिल्ली विवि में स्नातक पूरी की। इसके बाद उसने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। परिजन के अनुसार दिल्ली में उसने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। कोरोना काल में उसने रोटी बैंक से हजारों लोगों को खाना खिलाया था। स्वतंत्र का फैमिली बैग्राउंड स्वतंत्र के पिता रणधीर कुमार झा 5 भाई हैं। सबसे बड़े लोकनाथ झा हैं, जो डिफेंस से रिटायर्ड हुए हैं और अभी बीमा कंपनी में मैनेजर हैं। दूसरे नंबर पर रणधीर झा हैं, जो बिहार सरकार के निगरानी विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं। तीसरे रंजित कुमार झा हैं, ये भी बीमा कंपनी में मैनेजर के पद पर हैं। चौथे अजीत कुमार झा हैं, ये दरभंगा में टीचर हैं। सबसे छोटे सुजीत कुमार झा आईडीबीआई बैंक में काम करते हैं। वहीं, मां चांदनी देवी पटना हाईकोर्ट में वकील हैं। बड़ी बहन बीएड कर रही है। स्वतंत्र के दादा भी बिहार पुलिस में थे। परिवार के लोगों ने बताया कि स्वतंत्र के माता-पिता हर साल छठ, दीपावली और होली जैसे पर्वों पर गांव आते हैं। स्वतंत्र का भी गांव आना-जाना लगा रहता है। पढ़ाई और यूपीएससी की तैयारी के कारण उसका ज्यादातर समय दिल्ली में ही गुजरता है। अब जानें स्वतंत्र का नाम अभी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में क्यों है…. 2 अगस्त को एक यूट्यूब चैनल पर स्वतंत्र का करीब 1 घंटे का पॉडकास्ट रिलीज हुआ। इसमें उसने बेहद विवादित भाषा में खास तौर पर मुस्लिम, आरक्षण और कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर कई बयान दिए। स्वतंत्र ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट के दौरान की घटना का जिक्र करते हुए खुद ही दावा किया कि उस पर हत्या की कोशिश का मामला चलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्वतंत्र कहता है, ‘नीशू के बाप का हम सिर फाड़े। इसमें हाफ मर्डर की धारा 307 लगती है। सर पर 60 टांका लगा हुआ था, बंदा मरने की स्थिति में एम्बुलेंस में जा रहा था। उसकी बेटी थाने के बाहर कह रही थी कि अगर मेरे पिता को इंसाफ नहीं मिला, तो हम जहर खाकर जान दे देंगे। स्वतंत्र अगले दिन बाहर। पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि हम जेल भी नहीं गए, रात भर घूम रहे थे।’ स्वतंत्र आगे कहता है कि वो इसलिए बचा, क्योंकि उस पर हनुमान की कृपा है और कपिल मिश्र, चिराग पासवान उसके बड़े भैया हैं।’ स्वतंत्र ने पॉडकास्ट में कहा, ‘आप मेरा जूता देख सकते हैं? ये जूता दिल्ली पुलिस का है। मैंने कोई फॉर्म नहीं भरा, लेकिन मैं दिल्ली पुलिस की तरह घूमता हूं।’ CJP का भी आरोप है कि प्रोटेस्ट के दौरान सादे कपड़ों में कई अज्ञात लोग लाठियां लहराते और प्रदर्शनकारियों पर हमला करते देखे गए थे। स्वतंत्र की क्लिप वायरल होने के बाद राहुल गांधी, सांसद चंद्रशेखर आजाद और आम आदमी पार्टी के विपक्षी नेताओं ने बीजेपी और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग की थी। CJP प्रोटेस्ट के दौरान स्वतंत्र ने किया क्या था? इस मामले में दर्ज FIR के मुताबिक, 23 जून की शाम करीब 5:30 बजे जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल एक स्टूडेंट नीशू आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला हुआ। गाजियाबाद में रहने वाले 38 साल के संजय ने बताया कि मैं फोन से प्रोटेस्ट की रिकॉर्डिंग कर रहा था। तभी एक लड़का बहस करने लगा। मैंने कहा कि मैं उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कर रहा। बहस बढ़ी, तो 2-3 लोग और पहुंचे। उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया। सिर पर कई घूंसे मारे। लोहे के कड़े जैसी किसी चीज से हमला किया। इसके बाद पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथी सूरज कुमार को गिरफ्तार करके ले गई। जबकि संजय को दिल्ली के RML हॉस्पिटल ले जाया गया और मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज किया गया कि उनके सिर पर दो गहरे घाव हैं। हालांकि नीशू ने 24 जून को अपने ट्विटर अकाउंट से दो वीडियो पोस्ट किए थे। एक में वो रोते हुए बता रही हैं कि थोड़ी देर पहले कुछ लोगों ने उनके पिता पर हमला किया है। दूसरे वीडियो के कैप्शन में नीशू ने लिखा- ‘इन्हीं लोगों ने पापा पर हमला किया है। दिल्ली पुलिस से रिक्वेस्ट है कि इनको गिरफ्तार करके निष्पक्ष जांच के बाद सख्त सजा दी जाए।  

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