गोरखपुर में तारामंडल स्थित उर्वी रिसॉर्ट में श्री रामकथा के शुभारंभ पर बैंडबाजों के साथ हजारों स्थानीय नागरिकों (महिला-पुरुष) के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा पंचमुखी हनुमान मंदिर, तारामंडल से शुरू हुई। यात्रा में सुहागिन महिलाएं सिर पर कलश धारण कर प्रख्यात कथाव्यास आचार्य धीरज कृष्ण महाराज को रथ पर आरूढ़ कर नगर के दक्षिणांचल में परिक्रमा कराई। तारामंडल रुस्तमपुर की सभी समितियों द्वारा समस्त महिलाओं को मां की चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कलश यात्रा पंचमुखी हनुमान मंदिर से चलकर मुख्य मार्गों से होती हुई कथा स्थल उर्वी रिजॉर्ट तारामंडल पर पहुंची। कथाव्यास आचार्य धीरज कृष्ण महाराज को गद्दी पर विराजमान किया गया। आगंतुक अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर श्रीराम कथा का प्रारंभ कराया। कथाव्यास ने श्रीराम कथा की महत्ता पर प्रकाश डाला। धीरज महाराज ने परिवार और समाज पर प्रकाश डाला और रामायण की महत्ता को बताया। कथा संयोजक परम पूज्य विजय कौशल महाराज, आचार्य अविनाश मिश्र और श्री गोविंद श्रीवास्तव ने बताया कि श्री रामकथा का प्रवाह प्रातः काल पूजा पाठ प्रतिदिन सायं काल 6 बजे से शाम 9 बजे तक होगा। 14 सितंबर को पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन होगा।

