देवरिया में 63 सफाई कर्मचारियों पर जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने कार्रवाई की है। ये कर्मचारी दूसरे स्थानों पर ड्यूटी कर रहे थे। DPRO ने उनकी संबद्धता तुरंत खत्म कर दी है। अब उन्हें अपने मूल राजस्व ग्राम में ही काम करना होगा। आदेश न मानने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। विभाग के आदेश के मुताबिक, सफाई कर्मचारियों को अब उसी राजस्व ग्राम में काम करना होगा, जहां उनकी तैनाती हुई थी। उन्हें किसी और ग्राम पंचायत या जगह पर अटैच करके काम नहीं कराया जाएगा। अधिकारियों को इस आदेश का तुरंत पालन कराने को कहा गया है। बताया गया है कि सफाई कर्मचारियों की संबद्धता को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी। इसके अलावा, सुभासपा के प्रदेश प्रवक्ता राघवेंद्र द्विवेदी ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद ही विभाग ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। DPRO ने यह भी निर्देश दिया है कि सफाई कर्मचारियों का वेतन ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के बाद ही दिया जाए। इसका मतलब है कि कर्मचारी की ड्यूटी और काम की पुष्टि होने के बाद ही वेतन का भुगतान होगा। आदेश में साफ कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी तय जगह पर ड्यूटी नहीं करता या आदेश नहीं मानता, तो उसका वेतन रोका जाएगा। उस पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। इसी कड़ी में करीब 63 सफाई कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। विभाग का कहना है कि यह कदम सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। इससे यह भी पक्का होगा कि कर्मचारी अपने मूल गांव में मौजूद रहें। अब सभी कर्मचारियों को अपने मूल राजस्व ग्राम में ही सफाई का काम करना होगा।

