मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार रविवार को शाजापुर पहुंचे। उन्होंने भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित कार्यसमिति की बैठक में शिरकत की। इसके बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती, छात्रवृत्ति, आयुष विभाग और जिला अस्पताल में बंद पड़े जन औषधि केंद्र पर सरकार का रुख साफ किया। मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश में 2020 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू है, जिसके तहत स्कूल और उच्च शिक्षा में बड़े सुधार किए गए हैं। राज्य में करीब 370 बड़े भवनों में सीएम राइज स्कूल शुरू किए गए हैं, जहां प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं, फर्नीचर और शिक्षक उपलब्ध हैं। इसके अलावा शाजापुर के प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज में लैब, लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास के लिए बजट जारी कर दिया गया है। कॉलेजों में भर्तियों और छात्रवृत्ति पर दी जानकारी कॉलेजों में खाली पदों पर उन्होंने बताया कि साल 2022 और 2024 के चयनित उम्मीदवारों को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 2025 के चयनितों की पोस्टिंग की प्रक्रिया जारी है। पाठ्यक्रम को भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप तैयार किया गया है। छात्रवृत्ति पर उन्होंने कहा कि सामान्य और मेधावी वर्ग की स्कॉलरशिप का भुगतान समय पर हो रहा है, जबकि एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग की स्कॉलरशिप उनके संबंधित विभाग बांटते हैं। आयुष विभाग में 300 पदों पर होगी भर्ती आयुष विभाग का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 9 नए आयुष मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिली है। विभाग में खाली पड़े करीब 300 पदों के लिए जल्द भर्ती परीक्षा कराई जाएगी। जिला अस्पताल में बंद पड़े प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस सिलसिले में कलेक्टर से बात करके केंद्र को तुरंत चालू कराया जाएगा।

