गुरु शक्ति होते हैं, विद्यार्थी को राष्ट्र निर्माता बनाते हैं-श्यामनंदन:युवाओं को बड़ा लक्ष्य तय करने और माता-पिता के सपने पूरे करने का संदेश

गुरु शक्ति होते हैं, विद्यार्थी को राष्ट्र निर्माता बनाते हैं-श्यामनंदन:युवाओं को बड़ा लक्ष्य तय करने और माता-पिता के सपने पूरे करने का संदेश

सीतामढ़ी शहर के मुरलिया चौक स्थित पेंशनर समाज भवन में शनिवार को पेंशनर समाज के तत्वावधान में शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह का आयोजन महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राम एकवाल साह ने की। भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामनंदन किशोर प्रसाद बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन भी देते हैं शिक्षक समारोह को संबोधित करते हुए श्यामनंदन किशोर प्रसाद ने गुरुजनों को नमन किया और शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गुरु शक्ति होते हैं। शिक्षक एक सामान्य विद्यार्थी को योग्य नागरिक और राष्ट्र निर्माता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। यही गुण मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव तैयार करते हैं। युवाओं के ज्ञान और कौशल को बताया देश की ताकत उन्होंने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और युवाओं का ज्ञान, कौशल व चरित्र विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और युवाओं से जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने की अपील की। माता-पिता और गुरुजनों के सपनों को पूरा करने का संकल्प लें श्यामनंदन ने युवाओं से अपने माता-पिता और गुरुजनों के सपनों को पूरा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलकर ही युवा देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। युवाओं की सकारात्मक सोच और मेहनत से विकसित भारत के निर्माण का सपना साकार किया जा सकता है। सीतामढ़ी शहर के मुरलिया चौक स्थित पेंशनर समाज भवन में शनिवार को पेंशनर समाज के तत्वावधान में शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह का आयोजन महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राम एकवाल साह ने की। भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामनंदन किशोर प्रसाद बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन भी देते हैं शिक्षक समारोह को संबोधित करते हुए श्यामनंदन किशोर प्रसाद ने गुरुजनों को नमन किया और शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गुरु शक्ति होते हैं। शिक्षक एक सामान्य विद्यार्थी को योग्य नागरिक और राष्ट्र निर्माता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। यही गुण मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव तैयार करते हैं। युवाओं के ज्ञान और कौशल को बताया देश की ताकत उन्होंने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और युवाओं का ज्ञान, कौशल व चरित्र विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और युवाओं से जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने की अपील की। माता-पिता और गुरुजनों के सपनों को पूरा करने का संकल्प लें श्यामनंदन ने युवाओं से अपने माता-पिता और गुरुजनों के सपनों को पूरा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलकर ही युवा देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकते हैं। युवाओं की सकारात्मक सोच और मेहनत से विकसित भारत के निर्माण का सपना साकार किया जा सकता है।  

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