Ahmedabad. शहर की बापूनगर पुलिस ने 1.46 करोड़ की ठगी करने वाले आरोपी को राजकोट से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार सोलर इन्वर्टर सप्लाई करने का झांसा देकर 1.46 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में राजकोट के पुनितनगर निवासी हितेश भुवा (38) को राजकोट से गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से राजकोट जिले की गोंडल तहसील के पिपलिया का निवासी है।
आरोप है कि उसने फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल बनाकर अहमदाबाद में निकोल के व्यापारी पार्थ रंधोलिया (34) को सोलर इन्वर्टर देने के नाम पर चपत लगाई। आरोपी हितेश ने फोन पर बात कर खुद को सोलर इन्वर्टर का सप्लायर बताया। पार्थ को जरूरत थी जिससे वह बातों में आ गए। आरोपी ने नकली इनवॉइस व ई-वे बिल भेजकर पार्थ से दो किस्तों में 56.38 लाख और 90.34 लाख रुपए सहित कुल 1.46 करोड़ रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपी ने माल की डिलीवरी नहीं की और टालमटोल करने लगा। इस पर पार्थ ने बापूनगर थाने में विश्वासघात की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजकोट में दबिश देकर दबोच लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, इस पर राजकोट के मालवीय नगर, सूरत के सरथाणा और राज्य के गांधीग्राम थाने में पूर्व में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के मामले दर्ज हैं।
फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों की ठगी, आरोपी को बैतूल से पकड़ा
अहमदाबाद. शहर की वासणा पुलिस और जोन-7 एलसीबी टीम ने ‘ऑपरेशन हॉक आइ’ के तहत कार्रवाई करते हुए सात साल से फरार चल रहे निलेश कोठिया नाम के आरोपी को मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से पकड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी ने ‘टोशेन’ ग्रुप नाम से 20 फर्जी कंपनियां (भारत, हांगकांग और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में) बनाई। फर्जी क्रिप्टो टोकन, सेमीकंडक्टर प्लांट और सेमीकॉइन के नाम पर निवेशकों से 5 करोड़ रुपए से ज्यादा ऐंठे। इन कंपनियों के नाम पर भी लोन लेने की फिराक में था। आरोपी के खिलाफ गुजरात और महाराष्ट्र में 7 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें कुल 14.50 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस ने 64 संदिग्ध बैंक खातों की जांच कर 20 लाख रुपए फ्रीज करवाए। 12 लाख की कार, 6 मोबाइल और लैपटॉप सहित कुल 34.30 लाख की संपत्ति भी जब्त की। इस मामले में उसके साथी आरोपी दीपक उर्फ टांकी नानकराम आहूजा की भूमिका भी उजागर हुई है जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया। उस पर दर्जनों धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उसे भी आरोपी निलेश पर बैंक मैनेजर व अन्य के साथ मिलकर 2019 में एक मकान के फर्जी दस्तावेज तैयार करने, मकान के मालिक की जानकारी बिना उसके मकान को बैंक में मॉर्गेज रखकर 90 लाख का लोन स्वीकृत कराने और 65 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लेने का आरोप है।

