ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने बहरीन में अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइज़री

ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने बहरीन में अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइज़री

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों देशों ने फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। आज अमेरिका की नावों पर हमले के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के 3 तेल टैंकरों को निशाना बनाया। ताज़ा हमलों के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति काफी गंभीर हो गई है। इसी बीच अमेरिका ने बहरीन (Bahrain) में अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है।

अचानक हालात बिगड़ने की आशंका

बहरीन की राजधानी मनामा (Manama) में स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है। अमेरिकी दूतावास ने लिखा, “मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा की स्थिति जटिल बनी हुई है और इसमें अचानक हालात बिगड़ने की आशंका है। अमेरिकी दूतावास अमेरिकी नागरिकों को याद दिलाता है कि ईरान ने पहले भी बहरीन में आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं, जैसे मनामा के होटलों को निशाना बनाया है। जो अमेरिकी अभी मिडिल ईस्ट में हैं, उन्हें ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए और फ़्लाइट रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट आने की संभावना को ध्यान में रखना चाहिए।”

बहरीन पर अक्सर हमले करता है ईरान

मिडिल ईस्ट में बहरीन, अमेरिका के सहयोगी देशों में से एक है। बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी हैं, जहाँ अमेरिकी सैनिक, फाइटर जेट्स और हथियार मौजूद हैं। इन सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए भी किया जाता है। ऐसे में अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए ईरान भी अक्सर ही बहरीन पर हमले करता है। हालांकि ईरानी सेना द्वारा मुख्य रूप से बहरीन में सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया जाता है।

अमेरिका के लिए मुश्किल भरे दिन आने वाले हैं

ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा अरेफ (Mohammad Reza Aref) ने अमेरिका को धमकी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ अमेरिका के नए अपराधों ने हमारे सुरक्षा समीकरणों और रक्षा सिद्धांत को बदल दिया है। अब से हमारा जवाब असममित, बहु-स्तरीय और हमलावर को सुरक्षा से वंचित करने वाला होगा। अमेरिकियों को पेट्रोल और ईंधन का स्टॉक करने के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए। अमेरिका और इसकी अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल भरे दिन आने वाले हैं।”

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