एक सप्ताह से घर से लापता 26 वर्षीय युवती बीमार हालत में मुरी एक्सप्रेस के कोच में मिली। वह बिना टिकट ट्रेन में सफर कर रही थी। सूचना पर आरपीएफ ने उसे ट्रेन से उतारकर जिला अस्पताल मलखान सिंह पहुंचाया। इलाज और देखरेख के बाद आरपीएफ ने युवती के परिजनों की तलाश कर उन्हें अस्पताल बुलाया। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवती को सकुशल परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। ट्रेन में बीमार हालत में मिली थी युवती मामला 3 सितंबर का है। MCR टूंडला और डिप्टी एसएस अलीगढ़ जंक्शन से सूचना मिली कि टाटा नगर से जम्मू जा रही 18101 मुरी एक्सप्रेस के B-2 कोच की बर्थ नंबर 25 पर एक महिला बीमार हालत में है। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने ट्रेन को अटेंड किया। रेलवे डॉक्टर एएस देव ने युवती को प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल मलखान सिंह रेफर कर दिया। नाम पिंकी बताया, असली पहचान मैसर जहां निकली युवती ने अपना नाम पिंकी, पिता अशरफ अली, उम्र 26 वर्ष, निवासी कमल गढ़ा, बनारस बताया था। उसके पास यात्रा टिकट भी नहीं था। आरपीएफ ने उसकी देखरेख के लिए महिला कांस्टेबल अंजलि को अस्पताल में तैनात किया। इसके बाद आरपीएफ ने युवती के परिजनों की तलाश शुरू की। 5 सितंबर को उसके पिता जमील अहमद निवासी सतपोखरी, थाना कोतवाली मुगलसराय, जिला चंदौली को सूचना देकर अस्पताल बुलाया गया। परिवार एक सप्ताह से कर रहा था तलाश अस्पताल पहुंचे पिता ने युवती को अपनी बेटी बताया। उन्होंने बताया कि उसका असली नाम मैसर जहां है और घर में उसे पिंकी कहकर बुलाते हैं। परिजनों के मुताबिक उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह करीब एक सप्ताह पहले घर से बिना बताए निकल गई थी। परिवार उसकी तलाश में जुटा था। परिजनों ने उसकी फोटो भी अलग-अलग जगह लगाई थी। पहचान के बाद परिवार को सौंपा अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल सोनू ने परिजनों के पहचान पत्रों की जांच की। युवती और परिजनों की आपसी पहचान सुनिश्चित करने के बाद उसे सकुशल परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने आरपीएफ अलीगढ़ जंक्शन की इस पहल के लिए पुलिसकर्मियों का आभार जताया और उनके मानवीय प्रयास की सराहना की।

