पेटलावद के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शनिवार दोपहर अचानक कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बुखार से पीड़ित होने के कारण कुल नौ बच्चों को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन बच्चों में वैभव सरदार भगोरा (12 साल), पूजा विनोद भाबर (14 साल), सुनीता, अनाया समरथ डामर (15 साल), मोना नाथु गरवाल (12 साल), खुशी रमेश निनामा (14 साल), ज्योति धन्नालाल बारिया (11 साल), पिंटू पप्पू राणा (10 साल) और जीवन राजू सिंगाड़ (12 साल) शामिल थे। एक साथ इतने बच्चों के बीमार होने की खबर मिलते ही परिजन में चिंता फैल गई। अस्पताल में प्राथमिक इलाज और देखरेख के बाद बच्चों की हालत ठीक हो गई। इसके चलते रात आठ बजे तक इन सभी बच्चों के परिजन उन्हें अस्पताल से छुट्टी कराकर अपने घर ले गए। हालांकि, इस दौरान छात्र जीवन राजू सिंगाड़ का इलाज सिविल अस्पताल में जारी रहा। इस मामले पर बीएमओ अंतिम सोलंकी ने बताया कि आवासीय विद्यालय के इन बच्चों को बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। समय पर इलाज मिलने से अब सभी बच्चों की स्थिति एकदम ठीक है। केंद्र सरकार की यह एक खास योजना है, जिसके तहत दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में अनुसूचित जनजाति के बच्चों को अच्छी और मुफ्त शिक्षा दी जाती है। इसी योजना के तहत पेटलावद के इस एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में करीब साढ़े चार सौ बच्चे पढ़ते हैं। अब उनकी सेहत को लेकर स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ज्यादा सतर्क हो गया है।

