रोहतक के मॉडल स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर भत्तों व अन्य सुविधाओं में कटौती करने के खिलाफ शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर स्कूल के अंदर धरना दिया। साथ ही चेयरमैन डीसी से भत्तों में की गई कटौती वापस लेने की मांग की। मॉडल एजुकेशन सोसायटी के सचिव राजेश सहगल ने धरने पर बैठे शिक्षकों को बातचीत के लिए बुलाया। धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि मॉडल स्कूल के शिक्षकों के विभिन्न प्रकार के भत्तों में मैनेजमेंट ने कटौती कर दी है। मॉडल एजुकेशन सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी में यह निर्णय लिया गया। इस मामले में अब तक कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और चेयरमैन डीसी से मिल चुके है। लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। स्कूल में शिक्षकों को नहीं मिल रही सुविधाएं
धरने पर बैठे शिक्षकों ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट किसी भी प्रकार की बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। स्कूल में विभिन्न प्रकार की सुविधाओं की भारी कमी है, जिसमें सुधार नहीं किया जा रहा। सुविधाओं की कमी की वजह से ही मॉडल स्कूल की सांपला ब्रांच बंद हो चुकी है और उस ब्रांच में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और पढ़ाने वाले शिक्षकों को सेक्टर-4 स्थित ब्रांच में शिफ्ट किया जा चुका है। स्कूल में हर बात के लिए शिक्षकों को ठहरा रहे जिम्मेदार
धरने पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि अभी तक उन्हें गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिए गए निर्णय की कॉपी तक उपलब्ध नहीं करवाई गई है। स्कूल में सुविधाओं में बढ़ोतरी नहीं की जा रही और हर बात का जिम्मेदार उन्हें ही ठहराया जा रहा है। जिसके कारण शिक्षकों में रोष बढ़ रहा है। स्कूल का गेट बंद कर अंदर बैठी टीचर
मॉडल स्कूल के शिक्षकों ने सुबह से ही काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया और काली पट्टी बांधकर ही क्लास ली। स्कूल की छुट्टी होने के बाद शिक्षक स्कूल का गेट बंद करके अंदर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान स्कूल मैनेजमेंट की तरफ से सचिव राजेश सहगल ने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया।

