जच्चा-बच्चा की मौत के बाद मेडिकल स्टोर में मिला अवैध-क्लीनिक:सीतापुर में बिना लाइसेंस चल रहा था इलाज, उपकरण मिलने पर कमरा सील; संचालक फरार

जच्चा-बच्चा की मौत के बाद मेडिकल स्टोर में मिला अवैध-क्लीनिक:सीतापुर में बिना लाइसेंस चल रहा था इलाज, उपकरण मिलने पर कमरा सील; संचालक फरार

सीतापुर के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम के निर्देश पर संयुक्त स्वास्थ्य टीम ने ग्राम बसानपुर स्थित अजय सिंह के विद्या मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेडिकल स्टोर के पीछे बने एक अलग कमरे में बिना वैध लाइसेंस और पंजीकरण के अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने की पुष्टि हुई। कमरे से प्रसव और जच्चा-बच्चा के उपचार से संबंधित उपकरण व सामग्री भी मिली। पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में स्वास्थ्य टीम ने कमरे को सील कर दिया। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालक अजय सिंह घटना के बाद से फरार है। बिना लाइसेंस चल रहा था क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच के दौरान मेडिकल स्टोर के पीछे अलग कमरे में मरीजों के इलाज की व्यवस्था मिली। अधिकारियों के मुताबिक, यहां बिना वैध लाइसेंस और पंजीकरण के क्लीनिक संचालित किया जा रहा था। कमरे में प्रसव और जच्चा-बच्चा के उपचार से संबंधित उपकरण व अन्य सामग्री भी बरामद हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में कमरे को सील कर दिया। BNS और NMC Act में FIR मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ BNS की धारा 105 के तहत FIR दर्ज की है। इसके अलावा बिना वैध चिकित्सीय योग्यता और पंजीकरण के प्रैक्टिस करने के आरोप में National Medical Commission Act, 2019 की धारा 34(2) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रसव के दौरान गर्भ में बच्चे की मौत का आरोप बसावनपुर निवासी सावित्री पत्नी अशोक कुमार 3 सितंबर को पर्वतपुर चौराहे स्थित विद्या मेडिकल स्टोर पर प्रसव के लिए पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरे में उनका प्रसव और इलाज कराया जा रहा था। इसी दौरान गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। इसके बावजूद महिला का इलाज जारी रखा गया और परिजनों को उसके ठीक होने का भरोसा दिया गया। हालत बिगड़ने पर सावित्री को महमूदाबाद ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में सावित्री की भी मौत हो गई। शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन जच्चा-बच्चा की मौत की जानकारी मिलने पर शुक्रवार दोपहर परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पर्वतपुर चौराहे पर पहुंच गए। कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। इससे चौराहे पर जाम लग गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिया। दो मासूम बेटियों के सिर से उठा मां का साया सावित्री की मौत के बाद उसकी पांच और तीन वर्ष की बेटियां अंजलि और मुस्कान मां के स्नेह से वंचित हो गईं। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई के बाद अब फरार संचालक अजय सिंह की तलाश की जा रही है।

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