जमुई के टाउन थाना क्षेत्र के नीमारंग में सात साल की बच्ची सहाना खातून की हत्या के मामले में इमारत-ए-शरिया ने कड़ी नाराजगी जताई है। करीब आठ दिन पहले हुई इस घटना के बाद संगठन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इमारत-ए-शरिया के जनरल सेक्रेटरी मुफ्ती मो. सईदुर रहमान कासमी ने शुक्रवार रात 8 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें इमारत-ए-शरिया के प्रतिनिधिमंडल ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई यह घटना दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच तेज करने, आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तार करने और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डीएम और एसपी से अपील की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कराई जाए और जांच में तेजी लाई जाए। पीड़ित परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग भी की गई। इमारत-ए-शरिया ने पुलिस जांच में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की जांच की थी, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई, पर अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्या के पीछे की वजह का भी पुलिस की ओर से खुलासा नहीं हुआ है। इमारत-ए-शरिया ने पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के तौर पर एक चेक भी दिया। संगठन ने भरोसा दिलाया कि न्याय मिलने तक वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहेगा। जरूरत पड़ने पर परिवार को कानूनी और आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। संगठन ने यह भी अपील की कि मामले में किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, जबकि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर मौलाना कमर अनीस कासमी, मौलाना मिनहाज, निसार अहमद और जिला सचिव मो. नुमान अख्तर कासमी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। जमुई के टाउन थाना क्षेत्र के नीमारंग में सात साल की बच्ची सहाना खातून की हत्या के मामले में इमारत-ए-शरिया ने कड़ी नाराजगी जताई है। करीब आठ दिन पहले हुई इस घटना के बाद संगठन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इमारत-ए-शरिया के जनरल सेक्रेटरी मुफ्ती मो. सईदुर रहमान कासमी ने शुक्रवार रात 8 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें इमारत-ए-शरिया के प्रतिनिधिमंडल ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई यह घटना दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच तेज करने, आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तार करने और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डीएम और एसपी से अपील की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कराई जाए और जांच में तेजी लाई जाए। पीड़ित परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग भी की गई। इमारत-ए-शरिया ने पुलिस जांच में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की जांच की थी, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई, पर अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हत्या के पीछे की वजह का भी पुलिस की ओर से खुलासा नहीं हुआ है। इमारत-ए-शरिया ने पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के तौर पर एक चेक भी दिया। संगठन ने भरोसा दिलाया कि न्याय मिलने तक वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहेगा। जरूरत पड़ने पर परिवार को कानूनी और आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। संगठन ने यह भी अपील की कि मामले में किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, जबकि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर मौलाना कमर अनीस कासमी, मौलाना मिनहाज, निसार अहमद और जिला सचिव मो. नुमान अख्तर कासमी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

