कैमूर में करमचट-मूसाखाड़ बांधों से छोड़ा पानी:दुर्गावती-कर्मनाशा नदियां उफान पर, दर्जनों गांव जलमग्न, किसानों की फसलें डूबीं

कैमूर में करमचट-मूसाखाड़ बांधों से छोड़ा पानी:दुर्गावती-कर्मनाशा नदियां उफान पर, दर्जनों गांव जलमग्न, किसानों की फसलें डूबीं

कैमूर में करमचट और मूसाखाड़ बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद दुर्गावती और कर्मनाशा नदियां उफान पर हैं। रामगढ़, दुर्गावती और नुआंव प्रखंड के कई गांव पानी से घिर गए हैं। गलियों में पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। नुआंव के प्रभावित इलाकों में आने-जाने के लिए नावें चलने लगी हैं। इससे पहले करमचट डैम से 15-20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके कारण निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ था। मोहनिया बिजली ग्रिड में भी पानी घुस गया था। हालांकि, अब करमचट डैम के फाटक बंद कर दिए गए हैं। अभी सिर्फ 600 क्यूसेक पानी गिर रहा है। इससे दुर्गावती नदी के किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिली है। दूसरी ओर, मूसाखाड़ डैम से कर्मनाशा नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह से वहां के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। 8 सदस्यीय टीम 2 बोट के साथ कर रही काम मोहनिया एसडीएम रत्नाप्रिय दर्शनी ने बताया कि दुर्गावती नदी का जलस्तर कम हो गया है। लेकिन, कर्मनाशा नदी में पानी का स्तर अभी भी बना हुआ है। सुरक्षा के लिए ककरैत मार्ग पर बैरिकेटिंग की गई है। यहां 24 घंटे पुलिस तैनात है। मोहनिया इलाके में एसडीआरएफ की 8 सदस्यीय टीम 2 बोट के साथ काम कर रही है। एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि वे बहते पानी और बैरिकेटिंग के पास न जाएं। साथ ही, बच्चों को दूर रखें और सावधान रहें। कैमूर में करमचट और मूसाखाड़ बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद दुर्गावती और कर्मनाशा नदियां उफान पर हैं। रामगढ़, दुर्गावती और नुआंव प्रखंड के कई गांव पानी से घिर गए हैं। गलियों में पानी भर जाने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। नुआंव के प्रभावित इलाकों में आने-जाने के लिए नावें चलने लगी हैं। इससे पहले करमचट डैम से 15-20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके कारण निचले इलाकों में भारी नुकसान हुआ था। मोहनिया बिजली ग्रिड में भी पानी घुस गया था। हालांकि, अब करमचट डैम के फाटक बंद कर दिए गए हैं। अभी सिर्फ 600 क्यूसेक पानी गिर रहा है। इससे दुर्गावती नदी के किनारे रहने वाले लोगों को राहत मिली है। दूसरी ओर, मूसाखाड़ डैम से कर्मनाशा नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह से वहां के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। 8 सदस्यीय टीम 2 बोट के साथ कर रही काम मोहनिया एसडीएम रत्नाप्रिय दर्शनी ने बताया कि दुर्गावती नदी का जलस्तर कम हो गया है। लेकिन, कर्मनाशा नदी में पानी का स्तर अभी भी बना हुआ है। सुरक्षा के लिए ककरैत मार्ग पर बैरिकेटिंग की गई है। यहां 24 घंटे पुलिस तैनात है। मोहनिया इलाके में एसडीआरएफ की 8 सदस्यीय टीम 2 बोट के साथ काम कर रही है। एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि वे बहते पानी और बैरिकेटिंग के पास न जाएं। साथ ही, बच्चों को दूर रखें और सावधान रहें।  

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