घाघरा नदी खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर:गोंडा में 1000 की आबादी प्रभावित, एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.340 मीटर पहुंचा

घाघरा नदी खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर:गोंडा में 1000 की आबादी प्रभावित, एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.340 मीटर पहुंचा

गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार सुबह 8:30 बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.340 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 27 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर बढ़ने से तरबगंज तहसील के गढ़ी और जबर नगर इलाके बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। दोनों गांवों के किनारे बाढ़ का पानी पहुंच चुका है और करीब 1000 लोग आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। पानी अब धीरे-धीरे घरों की तरफ बढ़ने लगा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। घाघरा नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के बीच गिरजा बैराज से 1,72,973 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,72,114 क्यूसेक और सरयू बैराज से 5,678 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील शुरू कर दी है। 60 से ज्यादा नावें लगाई गईं जिला प्रशासन ने तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के तटीय इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए 60 से ज्यादा नावें लगाई हैं। नावों पर नाविकों की तैनाती भी की गई है। इसके अलावा राजस्व विभाग और बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी भी तटीय इलाकों में लगाई गई है, ताकि किसी भी स्थिति में राहत और बचाव कार्य किया जा सके। गोंडा जिला प्रशासन के मुताबिक, देर शाम तक ऐली परसौली समेत कई अन्य तटीय गांवों में घाघरा नदी का पानी पहुंच सकता है। इन गांवों के नदी के बिल्कुल किनारे बसे होने के कारण यहां आबादी के प्रभावित होने की आशंका है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर लोगों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। ग्रामीणों से कहा जा रहा है कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए वे घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। प्रशासन की ओर से लोगों को घरों में पानी भरने की स्थिति से पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी जा रही है। ब्योन्दा माझा में फिर बढ़ी चिंता नवाबगंज तहसील क्षेत्र के ब्योन्दा माझा गांव में भी लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। गांव पहले से ही आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित है। अब घाघरा का पानी एक बार फिर धीरे-धीरे गांव की ओर पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दत्तानगर और बाणी माझा में कटान तेज दत्तानगर और बाणी माझा के आसपास घाघरा नदी तेजी से कटान कर रही है। नदी लगातार जमीन को अपने आगोश में ले रही है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि कटान रोकने के लिए विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे नदी किनारे की जमीन और फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। शाम तक और आबादी प्रभावित होने की आशंका गोंडा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दो गांवों के किनारे बाढ़ का पानी पहुंच चुका है और करीब 1000 की आबादी आंशिक रूप से प्रभावित है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शाम तक कई और गांवों में पानी पहुंच सकता है, जिसे देखते हुए प्रशासन की ओर से निगरानी और बचाव की तैयारियां की जा रही हैं।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *