दरभंगा में 3 सितंबर को एक नाबालिग लापता हुआ था। पुलिस ने 4 सितंबर को खुलासा किया है कि अपहरण की झूठी साजिश रची गई थी। नाबालिग को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार किशोर को अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि हत्या के एक मामले में समझौता कराने की लिए झूठी साजिश रची गई थी। नाबालिग के चाचा दीपक सहनी, भाई पप्पू सहनी, चचेरे भाई पंकज सहनी, चाची अनीता देवी पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज थी। ये लोग फरार थे। इसी केस के समझौते के लिए आरोपियों ने अपने घर के बेटे के झूठे अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस के दबाव में 4 सितंबर की सुबह में नाबालिग को उसके परिजन ने पनिशाला चौक पर छोड़ दिया। और नाटक खत्म किया। वहां पुलिस की गश्ती टीम ने नाबालिग को बरामद किया, फिर थाने लाया। मामला सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र का है। 3 सितंबर को अपहरण की सूचना दी थी सदर एसडीपीओ-2 एसके सुमन ने बताया कि 3 सितंबर को राजो गांव के वार्ड नंबर-5 निवासी उत्तम सहनी की पत्नी उर्मिला देवी ने थाना में आवेदन देकर बताया था कि उसका बेटा रौशन कुमार (17) का अपहरण हो गया है। बेटे के साथ मारपीट की गई है। अपहरण करने वालों ने रौशन के भाई के मोबाइल पर मारपीट का वीडियो भेजकर हत्या की धमकी दी है। जिसके बाद विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम में सिंहवाड़ा, कमतौल, जाले और सिमरी थाना की पुलिस के अलावा तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल किए गए। पुलिस टीम ने मधुबनी और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रातभर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
18 जून को हत्या का केस दर्ज हुआ था पुलिस के अनुसार सिंहवाड़ा थाना में 18 जून को हत्या से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में समझौता के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से अपहरण की साजिश रची गई थी।
पुलिस का कहना है कि योजना के तहत हत्या कांड के वादी और गवाहों के खिलाफ अपहरण का झूठा मामला दर्ज करवाकर उन पर दबाव बनाने और हत्या के केस में समझौता कराने की कोशिश की गई थी।
पुलिस ने किशोर को सकुशल बरामद करने के बाद उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मानवीय एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
टीम में ये शामिल थे
छापेमारी टीम में तकनीकी शाखा के अमृत साह, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, कमतौल थानाध्यक्ष, पुअनि कमलेश कुमार मिश्रा, पुअनि दिलीप कुमार, पुअनि निलेश कुमार, पुअनि ब्रह्मदेव दास, सअनि नवलेश कुमार और पीटीसी मुकेश कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। दरभंगा में 3 सितंबर को एक नाबालिग लापता हुआ था। पुलिस ने 4 सितंबर को खुलासा किया है कि अपहरण की झूठी साजिश रची गई थी। नाबालिग को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार किशोर को अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि हत्या के एक मामले में समझौता कराने की लिए झूठी साजिश रची गई थी। नाबालिग के चाचा दीपक सहनी, भाई पप्पू सहनी, चचेरे भाई पंकज सहनी, चाची अनीता देवी पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज थी। ये लोग फरार थे। इसी केस के समझौते के लिए आरोपियों ने अपने घर के बेटे के झूठे अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस के दबाव में 4 सितंबर की सुबह में नाबालिग को उसके परिजन ने पनिशाला चौक पर छोड़ दिया। और नाटक खत्म किया। वहां पुलिस की गश्ती टीम ने नाबालिग को बरामद किया, फिर थाने लाया। मामला सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र का है। 3 सितंबर को अपहरण की सूचना दी थी सदर एसडीपीओ-2 एसके सुमन ने बताया कि 3 सितंबर को राजो गांव के वार्ड नंबर-5 निवासी उत्तम सहनी की पत्नी उर्मिला देवी ने थाना में आवेदन देकर बताया था कि उसका बेटा रौशन कुमार (17) का अपहरण हो गया है। बेटे के साथ मारपीट की गई है। अपहरण करने वालों ने रौशन के भाई के मोबाइल पर मारपीट का वीडियो भेजकर हत्या की धमकी दी है। जिसके बाद विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम में सिंहवाड़ा, कमतौल, जाले और सिमरी थाना की पुलिस के अलावा तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल किए गए। पुलिस टीम ने मधुबनी और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रातभर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
18 जून को हत्या का केस दर्ज हुआ था पुलिस के अनुसार सिंहवाड़ा थाना में 18 जून को हत्या से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में समझौता के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से अपहरण की साजिश रची गई थी।
पुलिस का कहना है कि योजना के तहत हत्या कांड के वादी और गवाहों के खिलाफ अपहरण का झूठा मामला दर्ज करवाकर उन पर दबाव बनाने और हत्या के केस में समझौता कराने की कोशिश की गई थी।
पुलिस ने किशोर को सकुशल बरामद करने के बाद उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मानवीय एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
टीम में ये शामिल थे
छापेमारी टीम में तकनीकी शाखा के अमृत साह, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, कमतौल थानाध्यक्ष, पुअनि कमलेश कुमार मिश्रा, पुअनि दिलीप कुमार, पुअनि निलेश कुमार, पुअनि ब्रह्मदेव दास, सअनि नवलेश कुमार और पीटीसी मुकेश कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।

