लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। ये बात लोजपा (आर) के राष्ट्रीय महासचिव राजू तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि बिहार में लोजपा रामविलास अपने दम पर सरकार बनाएगी। हम सभी कार्यकर्ता संक्लप लेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में हमारी पार्टी सरकार बनाएगी। हमारे मुख्यमंत्री चिराग पासवान होंगे। इस दौरान मंच पर चिराग पासवान भी मौजूद थे। दरअसल, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नवनियुक्त बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक के सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के समर्थन में नारे भी लगे। लोजपा(आर) के संगठन में किया गया बदलाव लोजपा (रामविलास) ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। सुरेंद्र विवेक को बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लंबे समय तक प्रदेश संगठन की कमान संभालने वाले राजू तिवारी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरेंद्र विवेक के जरिए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। NDA के भीतर नेतृत्व को लेकर नई राजनीतिक चर्चा एनडीए के अंदर अलग-अलग दलों की अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं रही हैं। समय-समय पर नेतृत्व और सीटों को लेकर दबाव की राजनीति भी सामने आती रही है। चिराग पासवान ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के अलावा आरक्षण और सामाजिक मुद्दों तक सरकार से अलग स्टैड लिया है। ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के जरिए बढ़ा रहे राजनीतिक आधार चिराग पासवान लंबे समय से अपने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ विजन के जरिए राज्य में अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं, रोजगार, पलायन, उद्योग और बिहार के विकास को केंद्र में रखकर पार्टी आगे बढ़ रही है। लोकसभा चुनाव में पार्टी के शानदार प्रदर्शन और सभी पांच सीटों पर जीत के बाद लोजपा (रामविलास) के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। पार्टी अब इस प्रदर्शन को विधानसभा और राज्य की राजनीति में भी बड़ी ताकत में बदलने की कोशिश कर रही है। संगठन को बूथ और विधानसभा स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। आने वाले समय में चिराग पासवान बिहार के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क और राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी पार्टी की मौजूदगी और मजबूत कर सकते हैं। इसका एक उद्देश्य एनडीए के भीतर पार्टी की राजनीतिक हिस्सेदारी और सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाना भी माना जा रहा है। दलित, पिछड़े और युवाओं पर फोकस लोजपा (रामविलास) की राजनीति का पारंपरिक आधार पासवान समाज रहा है, लेकिन पार्टी अब अपने सामाजिक आधार को व्यापक बनाने की कोशिश कर रही है। महादलितों, पिछड़े वर्गों और बड़ी युवा आबादी को जोड़ने के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर नई रणनीति बनाई जा रही है। सुरेंद्र विवेक को प्रदेश अध्यक्ष बनाने और राजू तिवारी को राष्ट्रीय जिम्मेदारी देने को भी इसी व्यापक सामाजिक और सांगठनिक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी बिहार में केवल एक जाति या सीमित सामाजिक आधार वाली पार्टी के बजाय व्यापक जनाधार वाले राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है। लोजपा (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। ये बात लोजपा (आर) के राष्ट्रीय महासचिव राजू तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि बिहार में लोजपा रामविलास अपने दम पर सरकार बनाएगी। हम सभी कार्यकर्ता संक्लप लेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में हमारी पार्टी सरकार बनाएगी। हमारे मुख्यमंत्री चिराग पासवान होंगे। इस दौरान मंच पर चिराग पासवान भी मौजूद थे। दरअसल, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नवनियुक्त बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक के सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के समर्थन में नारे भी लगे। लोजपा(आर) के संगठन में किया गया बदलाव लोजपा (रामविलास) ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। सुरेंद्र विवेक को बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि लंबे समय तक प्रदेश संगठन की कमान संभालने वाले राजू तिवारी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरेंद्र विवेक के जरिए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। NDA के भीतर नेतृत्व को लेकर नई राजनीतिक चर्चा एनडीए के अंदर अलग-अलग दलों की अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं रही हैं। समय-समय पर नेतृत्व और सीटों को लेकर दबाव की राजनीति भी सामने आती रही है। चिराग पासवान ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के अलावा आरक्षण और सामाजिक मुद्दों तक सरकार से अलग स्टैड लिया है। ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के जरिए बढ़ा रहे राजनीतिक आधार चिराग पासवान लंबे समय से अपने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ विजन के जरिए राज्य में अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं, रोजगार, पलायन, उद्योग और बिहार के विकास को केंद्र में रखकर पार्टी आगे बढ़ रही है। लोकसभा चुनाव में पार्टी के शानदार प्रदर्शन और सभी पांच सीटों पर जीत के बाद लोजपा (रामविलास) के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। पार्टी अब इस प्रदर्शन को विधानसभा और राज्य की राजनीति में भी बड़ी ताकत में बदलने की कोशिश कर रही है। संगठन को बूथ और विधानसभा स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। आने वाले समय में चिराग पासवान बिहार के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क और राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी पार्टी की मौजूदगी और मजबूत कर सकते हैं। इसका एक उद्देश्य एनडीए के भीतर पार्टी की राजनीतिक हिस्सेदारी और सौदेबाजी की क्षमता बढ़ाना भी माना जा रहा है। दलित, पिछड़े और युवाओं पर फोकस लोजपा (रामविलास) की राजनीति का पारंपरिक आधार पासवान समाज रहा है, लेकिन पार्टी अब अपने सामाजिक आधार को व्यापक बनाने की कोशिश कर रही है। महादलितों, पिछड़े वर्गों और बड़ी युवा आबादी को जोड़ने के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर नई रणनीति बनाई जा रही है। सुरेंद्र विवेक को प्रदेश अध्यक्ष बनाने और राजू तिवारी को राष्ट्रीय जिम्मेदारी देने को भी इसी व्यापक सामाजिक और सांगठनिक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी बिहार में केवल एक जाति या सीमित सामाजिक आधार वाली पार्टी के बजाय व्यापक जनाधार वाले राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है।

