गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड की सीरिसिया पंचायत में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लड्डू गोपाल जन्मोत्सव का विशेष आयोजन किया गया। सुबह से ही गांव और आसपास के इलाकों में शंखनाद, भजन-कीर्तन और ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। राधा-कृष्ण के रूप में नजर आए बच्चे जन्माष्टमी के मौके पर बच्चों ने आकर्षक झांकी निकाली। शोभायात्रा में सैकड़ों बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और माता राधा की वेशभूषा में सजे नजर आए। किसी बच्चे के हाथ में बांसुरी और सिर पर मोरपंख था तो कोई माखन की मटकी लेकर लड्डू गोपाल के बाल स्वरूप की झलक पेश कर रहा था। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा सीरिसिया पंचायत से गाजे-बाजे के साथ झांकी की शुरुआत हुई। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु और बच्चे नाचते-गाते सासामुसा बाजार की ओर बढ़े। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों और दुकानदारों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए पानी और जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। धर्मसभा और महाआरती के साथ समापन शोभायात्रा त्यागी आश्रम के पास पहुंची, जहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसके बाद महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों को संस्कृति से जोड़ने पर जोर सीरिसिया पंचायत के सरपंच उदयभान मिश्रा सतीश ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। राधा-कृष्ण के रूप में बच्चों को सजाकर झांकी में शामिल करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उनके आदर्शों और भारतीय संस्कृति से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में भाईचारा, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। आयोजन की सफलता से बच्चों और ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड की सीरिसिया पंचायत में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लड्डू गोपाल जन्मोत्सव का विशेष आयोजन किया गया। सुबह से ही गांव और आसपास के इलाकों में शंखनाद, भजन-कीर्तन और ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। राधा-कृष्ण के रूप में नजर आए बच्चे जन्माष्टमी के मौके पर बच्चों ने आकर्षक झांकी निकाली। शोभायात्रा में सैकड़ों बच्चे भगवान श्रीकृष्ण और माता राधा की वेशभूषा में सजे नजर आए। किसी बच्चे के हाथ में बांसुरी और सिर पर मोरपंख था तो कोई माखन की मटकी लेकर लड्डू गोपाल के बाल स्वरूप की झलक पेश कर रहा था। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा सीरिसिया पंचायत से गाजे-बाजे के साथ झांकी की शुरुआत हुई। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु और बच्चे नाचते-गाते सासामुसा बाजार की ओर बढ़े। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों और दुकानदारों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए पानी और जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे ‘जय श्री कृष्ण’ के जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। धर्मसभा और महाआरती के साथ समापन शोभायात्रा त्यागी आश्रम के पास पहुंची, जहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसके बाद महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों को संस्कृति से जोड़ने पर जोर सीरिसिया पंचायत के सरपंच उदयभान मिश्रा सतीश ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। राधा-कृष्ण के रूप में बच्चों को सजाकर झांकी में शामिल करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उनके आदर्शों और भारतीय संस्कृति से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में भाईचारा, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। आयोजन की सफलता से बच्चों और ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया।

