लातेहार के मगध कोलियरी में फिर चली गोलियां:वर्दीधारी 4 अपराधियों ने 7-8 की राउंड फायरिंग, कंप्यूटर ऑपरेटर के पैर में लगी गोली

लातेहार के मगध कोलियरी में फिर चली गोलियां:वर्दीधारी 4 अपराधियों ने 7-8 की राउंड फायरिंग, कंप्यूटर ऑपरेटर के पैर में लगी गोली

लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित मगध कोलियरी के चमातू साइडिंग में गुरुवार को हथियारबंद अपराधियों ने 22 नंबर कांटा घर पर फायरिंग कर दी। करीब 7 से 8 राउंड चली गोलीबारी में कांटा घर के कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण उरांव के पैर में गोली लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब चार वर्दीधारी अपराधी कांटा घर पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही उन्होंने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से साइडिंग में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान अरुण उरांव गोली की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। घायल ऑपरेटर को रिम्स किया गया रेफर गोलीबारी की आवाज सुनकर स्थानीय लोग और कोलियरी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल अरुण उरांव को तत्काल बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। पैर में गोली लगने के कारण उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही बालूमाथ थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा पुलिस टीम के साथ चमातू साइडिंग पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस को मौके से दो खोखे और एक जिंदा कारतूस मिला है। पुलिस के अनुसार, बरामद जिंदा कारतूस अत्याधुनिक हथियार का लग रहा है। इसके आधार पर भी पुलिस घटना की जांच कर रही है। पर्चा छोड़कर राहुल दुबे गैंग ने ली जिम्मेदारी फायरिंग के बाद अपराधियों ने घटनास्थल पर एक पर्चा भी छोड़ा है। पर्चे में राहुल दुबे गैंग ने घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इसमें पीवीआर कंपनी के सत्य रेड्डी उर्फ प्रभाकर रेड्डी को धमकी दी गई है। पर्चे में कहा गया है कि बिना मैनेज किए काम करने पर इसका अंजाम बुरा होगा। अपराधियों ने यह भी लिखा है कि गोली किसी कर्मचारी या ऑपरेटर को देखकर नहीं चलेगी। इस धमकी भरे पर्चे के सामने आने के बाद पुलिस लेवी से जुड़े विवाद के एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, फायरिंग के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। अपराधियों की पहचान में जुटी पुलिस घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले खोखे, जिंदा कारतूस और पर्चे को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा ने बताया कि अपराधियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। फायरिंग में घायल कंप्यूटर ऑपरेटर के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। गोलीबारी की इस घटना से कोलियरी क्षेत्र में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल है। लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित मगध कोलियरी के चमातू साइडिंग में गुरुवार को हथियारबंद अपराधियों ने 22 नंबर कांटा घर पर फायरिंग कर दी। करीब 7 से 8 राउंड चली गोलीबारी में कांटा घर के कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण उरांव के पैर में गोली लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब चार वर्दीधारी अपराधी कांटा घर पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही उन्होंने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से साइडिंग में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान अरुण उरांव गोली की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। घायल ऑपरेटर को रिम्स किया गया रेफर गोलीबारी की आवाज सुनकर स्थानीय लोग और कोलियरी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। घायल अरुण उरांव को तत्काल बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। पैर में गोली लगने के कारण उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही बालूमाथ थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा पुलिस टीम के साथ चमातू साइडिंग पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस को मौके से दो खोखे और एक जिंदा कारतूस मिला है। पुलिस के अनुसार, बरामद जिंदा कारतूस अत्याधुनिक हथियार का लग रहा है। इसके आधार पर भी पुलिस घटना की जांच कर रही है। पर्चा छोड़कर राहुल दुबे गैंग ने ली जिम्मेदारी फायरिंग के बाद अपराधियों ने घटनास्थल पर एक पर्चा भी छोड़ा है। पर्चे में राहुल दुबे गैंग ने घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। इसमें पीवीआर कंपनी के सत्य रेड्डी उर्फ प्रभाकर रेड्डी को धमकी दी गई है। पर्चे में कहा गया है कि बिना मैनेज किए काम करने पर इसका अंजाम बुरा होगा। अपराधियों ने यह भी लिखा है कि गोली किसी कर्मचारी या ऑपरेटर को देखकर नहीं चलेगी। इस धमकी भरे पर्चे के सामने आने के बाद पुलिस लेवी से जुड़े विवाद के एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, फायरिंग के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। अपराधियों की पहचान में जुटी पुलिस घटना के बाद पुलिस ने अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले खोखे, जिंदा कारतूस और पर्चे को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। थाना प्रभारी अनुभव सिन्हा ने बताया कि अपराधियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। फायरिंग में घायल कंप्यूटर ऑपरेटर के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। गोलीबारी की इस घटना से कोलियरी क्षेत्र में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल है।  

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