समस्तीपुर में पंचायत सरकार भवन निर्माण में गड़बड़ी निकली है। भवन के लिए चिह्नित स्थल पर गड्ढा खोदा गया है, जबकि कार्यपालक पदाधिकारी एसके सिंह ने सदर एसडीओ को रिपोर्ट में बेसमेंट का काम पूरा होने की जाकारी दी है। रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी है कि असामाजिक तत्व निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की जाए। बताया जा रहा कि मेयारी पंचायत में करीब 3 करोड़ से पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जना है। जो जगह चिह्नित है, ग्रामीणों के अनुसार वो श्मशाम है। यहां पंचायत के लोग अंतिम संस्कार करते हैं। इस कारण ग्रामीण इस जगह पर भवन बनाने का विरोध कर रहे हैं। मामला सरायरंजन प्रखंड का है। छह महीने से बंद है निर्माण कार्य पंचायत के मुखिया बिरजू कुमार ने बताया कि पिछले साल भूमि पूजन से 1 दिन पहले जानकारी मिली कि श्मशान स्थल की जमीन को पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए चयनित किया गया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद पंचायत के लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने श्मशान स्थल की जगह किसी दूसरे स्थान पर पंचायत सरकार भवन बनाने की मांग की। ग्रामीण सिंदेश्वर का कहना है कि इस जगह पर वर्षों से शवों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है। यहां भवन बनने के बाद अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बचेगी। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद स्थल पर गड्ढा खोदा गया, लेकिन विरोध को देखते हुए निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब 6 महीने से यहां कोई काम नहीं हुआ है और स्थल पर आज भी गड्ढा बना हुआ है। इसके बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से एसडीओ को भेजी गई रिपोर्ट में बेसमेंट का काम पूरा होने की बात कही गई है। इस रिपोर्ट के वायरल होने के बाद पंचायत के मुखिया बिरजू ने मामले की जांच की मांग की है। रिपोर्ट वायरल होने के बाद एसडीओ से शिकायत कार्यपालक पदाधिकारी की रिपोर्ट वायरल होने के बाद स्थानीय मुखिया समेत ग्रामीणों ने सदर एसडीओ को आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी और जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कार्यपालक पदाधिकारी की रिपोर्ट वास्तविक स्थिति से अलग और भ्रमित करने वाली है। जब निर्माण स्थल पर अब भी गड्ढा बना हुआ है और पिछले कई महीनों से काम बंद है, तो बेसमेंट का काम पूरा होने की रिपोर्ट कैसे भेजी गई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बेसमेंट का काम पूरा होने की रिपोर्ट के आधार पर निर्माण मद की राशि की निकासी कर वित्तीय अनियमितता की गई हो। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी सदर एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से एक रिपोर्ट भेजी गई थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण स्थल पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती के लिए पत्र जारी किया गया था। हालांकि, इस मामले में स्थानीय मुखिया और अंचलाधिकारी (सीओ) की ओर से दी गई जानकारी में अंतर दिखाई दे रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर में पंचायत सरकार भवन निर्माण में गड़बड़ी निकली है। भवन के लिए चिह्नित स्थल पर गड्ढा खोदा गया है, जबकि कार्यपालक पदाधिकारी एसके सिंह ने सदर एसडीओ को रिपोर्ट में बेसमेंट का काम पूरा होने की जाकारी दी है। रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी है कि असामाजिक तत्व निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की जाए। बताया जा रहा कि मेयारी पंचायत में करीब 3 करोड़ से पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जना है। जो जगह चिह्नित है, ग्रामीणों के अनुसार वो श्मशाम है। यहां पंचायत के लोग अंतिम संस्कार करते हैं। इस कारण ग्रामीण इस जगह पर भवन बनाने का विरोध कर रहे हैं। मामला सरायरंजन प्रखंड का है। छह महीने से बंद है निर्माण कार्य पंचायत के मुखिया बिरजू कुमार ने बताया कि पिछले साल भूमि पूजन से 1 दिन पहले जानकारी मिली कि श्मशान स्थल की जमीन को पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए चयनित किया गया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद पंचायत के लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने श्मशान स्थल की जगह किसी दूसरे स्थान पर पंचायत सरकार भवन बनाने की मांग की। ग्रामीण सिंदेश्वर का कहना है कि इस जगह पर वर्षों से शवों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है। यहां भवन बनने के बाद अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बचेगी। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद स्थल पर गड्ढा खोदा गया, लेकिन विरोध को देखते हुए निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब 6 महीने से यहां कोई काम नहीं हुआ है और स्थल पर आज भी गड्ढा बना हुआ है। इसके बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से एसडीओ को भेजी गई रिपोर्ट में बेसमेंट का काम पूरा होने की बात कही गई है। इस रिपोर्ट के वायरल होने के बाद पंचायत के मुखिया बिरजू ने मामले की जांच की मांग की है। रिपोर्ट वायरल होने के बाद एसडीओ से शिकायत कार्यपालक पदाधिकारी की रिपोर्ट वायरल होने के बाद स्थानीय मुखिया समेत ग्रामीणों ने सदर एसडीओ को आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी और जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कार्यपालक पदाधिकारी की रिपोर्ट वास्तविक स्थिति से अलग और भ्रमित करने वाली है। जब निर्माण स्थल पर अब भी गड्ढा बना हुआ है और पिछले कई महीनों से काम बंद है, तो बेसमेंट का काम पूरा होने की रिपोर्ट कैसे भेजी गई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बेसमेंट का काम पूरा होने की रिपोर्ट के आधार पर निर्माण मद की राशि की निकासी कर वित्तीय अनियमितता की गई हो। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी सदर एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से एक रिपोर्ट भेजी गई थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण स्थल पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती के लिए पत्र जारी किया गया था। हालांकि, इस मामले में स्थानीय मुखिया और अंचलाधिकारी (सीओ) की ओर से दी गई जानकारी में अंतर दिखाई दे रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

