पंजाब में ED पर सियासत गरमाई:मंत्री अरोड़ा बोले- लीडरशिप को उलझाने-अफसरों को डराने की कोशिश, एक साइड ईडी तो दूसरी साइड पुलिस खेलेगी

पंजाब में ED पर सियासत गरमाई:मंत्री अरोड़ा बोले- लीडरशिप को उलझाने-अफसरों को डराने की कोशिश, एक साइड ईडी तो दूसरी साइड पुलिस खेलेगी

पंजाब में ED के नोटिस और कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी AAP के पंजाब प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां केंद्र के इशारे पर काम कर रही हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा का मकसद पंजाब में हंगामा खड़ा करना है। आम आदमी पार्टी की सीनियर लीडरशिप को उलझाए रखना और अफसरों को डराकर रखना हैं। अगर अफसर डर में रहेंगे तो वे ठीक से काम नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारियों को ED बुलाती है तो वे सहयोग करते हैं, लेकिन जब पंजाब पुलिस ने ED के एक अधिकारी से केस से जुड़े तथ्य मांगे तो वह उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने कहा, “अगर खेल खेलना है तो बराबर का खेल खेला जाएगा। एक तरफ ED तो दूसरी तरफ पंजाब पुलिस होगी। इस तरह राज्य सरकार नहीं चलाई जाती।” पंजाब पुलिस को ईडी डॉक्यूमेंट क्यों नहीं दे रही अमन अरोड़ा ने कहा कि ED ने पंजाब पुलिस को तीसरी चिट्ठी लिखकर धारा 66(2) के तहत FIR दर्ज करने को कहा है। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को पंजाब पुलिस ने ED को पत्र लिखकर केस से जुड़े दस्तावेज और सामग्री मांगी थी, ताकि सबूतों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
पंजाब पुलिस ने ED के अधिकारी को 1 सितंबर को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक कोई अधिकारी पेश नहीं हुआ। अमन अरोड़ा ने दावा किया कि ED के पास कोई ठोस सबूत नहीं है और सिर्फ मीडिया के जरिए नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कभी मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम चलाया जाता है, कभी संजीव अरोड़ा का, कभी उनका और कभी कटारूचक का नाम सामने आता है। “इनके पास कुछ नहीं है।” बोले- एल्टस का मामला अकाली-भाजपा सरकार के समय का अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर अमन अरोड़ा ने कहा कि करीब दो महीने पहले धीर कंस्ट्रक्शन से उनका नाम जोड़कर खबरें चलाई गईं। उन्होंने एल्टस से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इसके CLU की शुरुआत 2012 में हुई थी, जब पंजाब में अकाली दल-भाजपा की सरकार थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद अलग-अलग जमीनों को लेकर कई बार प्रक्रिया हुई। उस दौरान अकाली दल-भाजपा और कांग्रेस की सरकारें सत्ता में थीं। लेआउट प्लान भी 2011 में लिया गया था और यह करीब 230 एकड़ का था। अमन अरोड़ा ने कहा कि उनके कार्यकाल में केवल एक CLU हुआ, लेकिन उसके बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं रखी जा रही। उन्होंने दावा किया कि एल्टस से जुड़ी FIR को हाईकोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है। सुखबीर बादल और कैप्टन को भी उठा लो अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर ED को CLU और लेआउट प्लान में गड़बड़ी लगती है तो उस समय के सभी जिम्मेदार लोगों से पूछताछ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 2012 से लेकर 2022 तक अकाली दल – बीजेपी, कांग्रेस की सरकार रही। उस समय यह महकमा “सुखबीर बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह सरकारिया, मुख्यमंत्री भगवंत मान, अमन अरोड़ा और अब मुंडिया तक मामला पहुंचता है। तो हम सबको उठा लो, सब कुछ साफ हो जाएगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पंजाब और आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को बदनाम करने में लगी हुई है।

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