बांका जिले के दोनिहार गांव में बिरनी के हमले से 55 साल की रुकमणि देवी की मौत हो गई। मंगलवार शाम झारखंड के देवघर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। रुकमणि देवी गांव के मुख्तियार यादव की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया है। ग्रामीणों में दोनिहार नदी पर पुल नहीं होने को लेकर गुस्सा है। जानकारी के अनुसार, रुकमणि देवी मंगलवार को घर के पास झाड़ी में नीम की दतवन तोड़ने गई थीं। तभी झाड़ी में बैठी सैकड़ों काली बिरनी ने उन पर हमला कर दिया। बिरनी के एक साथ हमला करने से महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बिरनी ने उन्हें बचाने आए लोगों पर भी हमला किया। देवघर सदर अस्पताल में इलाज के समय मौत ग्रामीणों ने काफी कोशिश के बाद महिला को झाड़ी से बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर फोन किया गया। एंबुलेंस गांव के लिए निकली, लेकिन नदी में ज्यादा पानी होने के कारण वह गांव तक नहीं पहुंच पाई। तब ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और नदी तक ले गए। नदी पार कराने के बाद महिला को कटोरिया के रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। कटोरिया अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें देवघर रेफर कर दिया। नदी पर पुल बनाने की मांग परिजन महिला को देवघर सदर अस्पताल ले गए। वहीं इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मौत की खबर मिलते ही दोनिहार गांव में शोक छा गया। रुकमणि देवी अपने पीछे दो बेटे अन्हू यादव और उमेश यादव समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। ग्रामीणों में दोनिहार नदी पर पुल नहीं होने को लेकर काफी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी पर पुल होता, तो एंबुलेंस गांव तक आसानी से पहुंच पाती। इससे रुकमणि देवी को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। ग्रामीणों ने नदी पर पुल बनाने की मांग की है। बांका जिले के दोनिहार गांव में बिरनी के हमले से 55 साल की रुकमणि देवी की मौत हो गई। मंगलवार शाम झारखंड के देवघर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। रुकमणि देवी गांव के मुख्तियार यादव की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया है। ग्रामीणों में दोनिहार नदी पर पुल नहीं होने को लेकर गुस्सा है। जानकारी के अनुसार, रुकमणि देवी मंगलवार को घर के पास झाड़ी में नीम की दतवन तोड़ने गई थीं। तभी झाड़ी में बैठी सैकड़ों काली बिरनी ने उन पर हमला कर दिया। बिरनी के एक साथ हमला करने से महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बिरनी ने उन्हें बचाने आए लोगों पर भी हमला किया। देवघर सदर अस्पताल में इलाज के समय मौत ग्रामीणों ने काफी कोशिश के बाद महिला को झाड़ी से बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर फोन किया गया। एंबुलेंस गांव के लिए निकली, लेकिन नदी में ज्यादा पानी होने के कारण वह गांव तक नहीं पहुंच पाई। तब ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और नदी तक ले गए। नदी पार कराने के बाद महिला को कटोरिया के रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। कटोरिया अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने महिला की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें देवघर रेफर कर दिया। नदी पर पुल बनाने की मांग परिजन महिला को देवघर सदर अस्पताल ले गए। वहीं इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मौत की खबर मिलते ही दोनिहार गांव में शोक छा गया। रुकमणि देवी अपने पीछे दो बेटे अन्हू यादव और उमेश यादव समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। ग्रामीणों में दोनिहार नदी पर पुल नहीं होने को लेकर काफी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी पर पुल होता, तो एंबुलेंस गांव तक आसानी से पहुंच पाती। इससे रुकमणि देवी को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था। ग्रामीणों ने नदी पर पुल बनाने की मांग की है।

