जहानाबाद शहर के वार्ड नंबर 23 में महिला थाना और एससी-एसटी थाना के पास ट्रांसफार्मर के नीचे कई सालों से कूड़ा डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के कई मोहल्लों का कूड़ा यहीं लाकर फेंका जाता है। जब कूड़ा ज्यादा जमा हो जाता है, तो उसे जेसीबी से हटाया जाता है। इस वजह से सड़क किनारे कई फीट गहरा गड्ढा बन गया है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और हादसे का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस जगह कूड़ा डाला जा रहा है, वहां चालू ट्रांसफार्मर लगा है। इससे आसपास के मोहल्लों और थाना परिसर में बिजली की सप्लाई होती है। बरसात में गीला कूड़ा और पानी जमा होने से करंट फैलने का खतरा रहता है। लोगों का सवाल है कि अगर कूड़ा हटाने के दौरान सफाईकर्मी या जेसीबी चालक करंट की चपेट में आ गया, तो कौन जिम्मेदार होगा? लोगों का यह भी कहना है कि ट्रांसफार्मर के आसपास ठीक से घेरा नहीं है। गड्ढे के कारण बरसात में पानी जमा होने पर ट्रांसफार्मर के पोल के कमजोर होने का खतरा रहता है। अगर ट्रांसफार्मर गिरता है, तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासी संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यहां रोज ब्लीचिंग पाउडर या कीटनाशक दवा नहीं छिड़की जाती है। बरसात में गीले कूड़े से बदबू और मच्छर-मक्खियां बढ़ जाते हैं। वहीं रंजन कुमार ने कहा कि चालू ट्रांसफार्मर के नीचे कूड़ा डालना बड़ी लापरवाही है। जेसीबी से सफाई के दौरान तार खराब होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस जगह का निरीक्षण कर कूड़ा डालना बंद कराने, गड्ढे को भरवाने, ट्रांसफार्मर का घेरा बनाने और रोज सफाई व कीटनाशक दवा छिड़कने की मांग की है। जहानाबाद शहर के वार्ड नंबर 23 में महिला थाना और एससी-एसटी थाना के पास ट्रांसफार्मर के नीचे कई सालों से कूड़ा डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के कई मोहल्लों का कूड़ा यहीं लाकर फेंका जाता है। जब कूड़ा ज्यादा जमा हो जाता है, तो उसे जेसीबी से हटाया जाता है। इस वजह से सड़क किनारे कई फीट गहरा गड्ढा बन गया है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और हादसे का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस जगह कूड़ा डाला जा रहा है, वहां चालू ट्रांसफार्मर लगा है। इससे आसपास के मोहल्लों और थाना परिसर में बिजली की सप्लाई होती है। बरसात में गीला कूड़ा और पानी जमा होने से करंट फैलने का खतरा रहता है। लोगों का सवाल है कि अगर कूड़ा हटाने के दौरान सफाईकर्मी या जेसीबी चालक करंट की चपेट में आ गया, तो कौन जिम्मेदार होगा? लोगों का यह भी कहना है कि ट्रांसफार्मर के आसपास ठीक से घेरा नहीं है। गड्ढे के कारण बरसात में पानी जमा होने पर ट्रांसफार्मर के पोल के कमजोर होने का खतरा रहता है। अगर ट्रांसफार्मर गिरता है, तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासी संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यहां रोज ब्लीचिंग पाउडर या कीटनाशक दवा नहीं छिड़की जाती है। बरसात में गीले कूड़े से बदबू और मच्छर-मक्खियां बढ़ जाते हैं। वहीं रंजन कुमार ने कहा कि चालू ट्रांसफार्मर के नीचे कूड़ा डालना बड़ी लापरवाही है। जेसीबी से सफाई के दौरान तार खराब होने पर बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस जगह का निरीक्षण कर कूड़ा डालना बंद कराने, गड्ढे को भरवाने, ट्रांसफार्मर का घेरा बनाने और रोज सफाई व कीटनाशक दवा छिड़कने की मांग की है।

