नोएडा में लोन एप से ठगी करने वाले 6 गिरफ्तार:मोर्फ की गई अश्लील तस्वीरें भेजकर करते थे ब्लैकमेल; 25 लाख रुपये की ठगी का खुलासा

नोएडा में लोन एप से ठगी करने वाले 6 गिरफ्तार:मोर्फ की गई अश्लील तस्वीरें भेजकर करते थे ब्लैकमेल; 25 लाख रुपये की ठगी का खुलासा

प्राइवेट लोन एप के जरिए कर्ज लेने वाले लोगों को वीडियो कॉल कर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह को साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार को पकड़ा है। पुलिस ने सेक्टर-141 से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, चार एटीएम/डेबिट कार्ड, दो पासबुक, दो ड्राइविंग लाइसेंस, दो पर्स और 810 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी प्राइवेट लोन एप से कर्ज लेने वाले लोगों से संपर्क करते थे। वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत कर यूपीआई और क्यूआर कोड के माध्यम से रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद पीड़ितों की तस्वीरों को एडिट करके अश्लील तस्वीरें तैयार की जाती थी। आरोपी इन तस्वीरों को पीड़ितों को भेजकर उन्हें बदनाम करने की धमकी देते थे। इसके बाद भुगतान के लिए दबाव बनाया जाता था। पीड़ितों से रकम अपने और दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। पुलिस ने ऐसे खातों को म्यूल खाते बताया है। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन में बिनेंस, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम एप मिले हैं। पुलिस को क्रिप्टोकरेंसी यूएसडीटी के माध्यम से रकम के लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अब तक म्यूल खातों में करीब 25 लाख रुपये की ठगी की रकम प्राप्त कर चुके हैं। पांच राज्यों में शिकायतें दर्ज
आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पांच शिकायतें मिली हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात से एक-एक, जबकि महाराष्ट्र से दो शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों और लेनदेन की भी जांच कर रही है। सेक्टर-141 से दबोचे गए आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निशान्त कुमार, अनीस अली, आदित्य कुमार, पंकज कुमार, निक्की शर्मा और शिवा शर्मा के रूप में हुई है। इनकी उम्र करीब 18 से 28 वर्ष के बीच है। सभी आरोपी नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, बुलंदशहर और बिहार के रहने वाले हैं या वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रह रहे थे। पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस ने लोगों से अनधिकृत प्राइवेट लोन एप से बचने और केवल भारतीय रिजर्व बैंक से अधिकृत वित्तीय संस्थानों के एप का इस्तेमाल करने की अपील की है। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति को निजी फोटो, वीडियो, दस्तावेज, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी है। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

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