बिजनौर में गंगा बैराज से रावली तक बने तटबंध के निर्माण को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह ने तटबंध पर 150 करोड़ रुपये खर्च होने का आरोप लगाते हुए इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, डीएम और सिंचाई विभाग ने साफ किया कि 46 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और काम भी ठीक हुआ है। पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह ने एक निजी चैनल से बात करते हुए बताया कि तटबंध निर्माण पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी तकनीक से बने इस तटबंध के बावजूद, यह श्राद्ध शुरू होने से पहले ही कट गया। उन्होंने सवाल उठाया कि 150 करोड़ रुपये आखिर कहां खर्च हुए, क्योंकि इसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा है। साथ ही उन्होंने बिजनौर विधानसभा क्षेत्र में कराए गए कई अन्य विकास कार्यों पर भी सवाल उठाए। इस पूरे मामले पर बिजनौर की जिलाधिकारी (डीएम) जसजीत कौर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पिछले साल गंगा बैराज से लगा तटबंध करीब डेढ़ किलोमीटर तक टूट गया था। इसके बाद सुरक्षा के लिए प्रस्ताव भेजे गए थे।
डीएम ने आगे बताया कि कुल 96 करोड़ रुपये के तीन प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से सबसे संवेदनशील क्षेत्र के लिए 46 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मंजूर हुआ था और उस पर काम भी कराया गया है। बाकी 46 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य अभी टेंडर की प्रक्रिया में हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि 46 करोड़ रुपये का इस्तेमाल हो चुका है और सबसे संवेदनशील क्षेत्र में काम पूरा होने से तटबंध अब सुरक्षित है। डीएम जसजीत कौर ने यह भी बताया कि कराए गए काम की जांच भी की गई है। लखनऊ से चीफ इंजीनियर और उनकी टीम ने मौके का दौरा किया और काम की गुणवत्ता पर संतुष्टि जताई है। उधर सिंचाई खंड 5 के अधिशासी अभियंता करणपाल सिंह ने बताया कि टोटल 94 करोड़ के कार्य सेंक्शन हुए है जिसमें 35 करोड़ का एक एसीबीएम का कार्य पूर्ण हो चुका है बाकी 11 करोड़ का स्टड के काम हुए टोटल 46 करोड़ का काम पूर्ण ।

