शहर के महादेव नगर स्थित सार्वजनिक अरघौती धाम मंदिर परिसर में मंगलवार को भव्य कलशयात्रा के साथ सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया। गाजे-बाजे और धार्मिक जयघोष के बीच निकली कलशयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा बाजार भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। अरघौती धाम मंदिर परिसर से शुरू हुई कलशयात्रा गोल्डन चौक, बुधौली चौक होते हुए गिरहिंडा चौक तक पहुंची। इसके बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे। कलशयात्रा में 101 कुमारी कन्याओं और महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर माथे पर कलश लेकर धार्मिक यात्रा में हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं के जयकारों और गाजे-बाजे के साथ निकली यात्रा को देखने के लिए बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान वृंदावन से पधारीं सुप्रसिद्ध कथावाचिका किशोरी कृष्णनंदिनी जी भी रथ पर सवार होकर कलशयात्रा में शामिल हुईं। उनके साथ श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिला, पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल होकर भक्ति में सराबोर नजर आए। अरघौती धाम मंदिर के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि कलशयात्रा के साथ ही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया है। प्रतिदिन शाम छह बजे से कथा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान 7 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। जन्माष्टमी को मेला का आयोजन सात दिनों तक चलने वाले इस संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ को लेकर अरघौती धाम मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर समिति की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। जन्माष्टमी की रात विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। वहीं मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दुकानों और मनोरंजन के साधनों की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों ने बताया कि मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। शहर के महादेव नगर स्थित सार्वजनिक अरघौती धाम मंदिर परिसर में मंगलवार को भव्य कलशयात्रा के साथ सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया। गाजे-बाजे और धार्मिक जयघोष के बीच निकली कलशयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा बाजार भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। अरघौती धाम मंदिर परिसर से शुरू हुई कलशयात्रा गोल्डन चौक, बुधौली चौक होते हुए गिरहिंडा चौक तक पहुंची। इसके बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर परिसर लौटे। कलशयात्रा में 101 कुमारी कन्याओं और महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर माथे पर कलश लेकर धार्मिक यात्रा में हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं के जयकारों और गाजे-बाजे के साथ निकली यात्रा को देखने के लिए बाजार और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान वृंदावन से पधारीं सुप्रसिद्ध कथावाचिका किशोरी कृष्णनंदिनी जी भी रथ पर सवार होकर कलशयात्रा में शामिल हुईं। उनके साथ श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिला, पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल होकर भक्ति में सराबोर नजर आए। अरघौती धाम मंदिर के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि कलशयात्रा के साथ ही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया है। प्रतिदिन शाम छह बजे से कथा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान 7 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। जन्माष्टमी को मेला का आयोजन सात दिनों तक चलने वाले इस संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ को लेकर अरघौती धाम मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर समिति की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। जन्माष्टमी की रात विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। वहीं मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दुकानों और मनोरंजन के साधनों की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों ने बताया कि मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

