इंदौर के द्वारकापुरी में रेलवे से रिटायर्ड लोको पायलट के यहां चोरी की वारदात हो गई। उन्होंने अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए एक महिला को केयरटेकर के रूप में रखा था। महिला ने उनकी पत्नी के जेवर और मकान के दस्तावेज चुरा लिए। मामले का खुलासा तब हुआ, जब उनके मकान के दस्तावेज लोको पायलट को किसी ने बेचने के लिए मोबाइल पर भेजे। द्वारकापुरी पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर दर्ज की है। द्वारकापुरी पुलिस के मुताबिक, साईं श्रद्धा कॉलोनी निवासी कैलाश चंद्र मारू रेलवे से रिटायर्ड लोको पायलट हैं। उनकी पत्नी गीता मारू का स्वास्थ्य खराब होने के चलते उनकी देखरेख के लिए दीपिका बेस नाम की महिला को 1 मई को रखा था। 5 मई को उनकी पत्नी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उन्हें उपचार के लिए विशेष जूपिटर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में गीता के सोने का मंगलसूत्र, सोने की चेन, कान के टॉप्स, सोने की दो चूड़ियां, चांदी की पायल, मोबाइल और कुछ नकदी दीपिका को संभालने के लिए दिए गए थे। इसी बीच 31 मई को गीता की मौत हो गई। इसके बाद दीपिका वहां से चली गई। कैलाश चंद्र भी अपने घर के काम में लग गए। बाद में उन्हें ध्यान आया तो उन्होंने घर में पत्नी के जेवर, नकदी और अन्य सामान की तलाश की, लेकिन वे नहीं मिले। वहीं, घर से मकान के दस्तावेज भी गायब थे। इसी बीच 5 अगस्त को एक मोबाइल नंबर से वाट्सऐप पर मकान के दस्तावेज भेजे गए। इसमें बताया गया कि दीपिका ने इन्हें बेचने के लिए दिए हैं। इसके बाद कैलाश चंद्र ने दीपिका से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह सामने नहीं आई। मामले में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने दीपिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

