जैसा हमारे साथ हुआ वैसा उसके साथ भी हो:पिता बोले- दो बच्चे खो दिए, पत्नी जिंदगी-मौत से जूझ रही

जैसा हमारे साथ हुआ वैसा उसके साथ भी हो:पिता बोले- दो बच्चे खो दिए, पत्नी जिंदगी-मौत से जूझ रही

“जिस तरह हमारे साथ हुआ, उस तरह उसके साथ भी होना चाहिए। भरपाई तो नहीं हो पाएगी, लेकिन थोड़ा तसल्ली होगी आत्मा को। जितना हमको दर्द है, वो भी सहे उतना दर्द… कि बच्चे का दर्द क्या होता है। अपने से जब कोई जुदा होता है तो उसको कैसा महसूस होता है।’ ये कहना है मंझनपुर के रहने वाले मंजीत का। जिनके दो बच्चे कौशांबी के पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में मारे गए। उन्होंने बताया कि सुबह छोटी बेटी से बाय बोलकर ऑफिस के निकला था। कुछ घंटे बाद पड़ोसी का फोन आता है। पता चला कि घर से 50 मीटर की दूरी पर फैक्ट्री में धमाका हुआ। परिवार के लोग भी जख्मी हुए हैं। घर भी क्षतिग्रस्त हुआ है। यह सुनते ही मेरे होश उड़ गए। जब मैं घर पहुंचा तो हालत देख कर सन्न रह गया। दीवारों में टूट कर गिर गई थी। यह देखकर रोने बिलखने लगा। मेरी पत्नी सविता, बड़ा बेटा प्रवीण और छोटी बेटी प्रियांजली दबे हुए थे। चारो तरफ चिल्लाते हुए दौड़ने लगा। बच्चों को बचाओ। हंसते-खेलते परिवार उजड़ गया
मंजर ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। दोनों मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। हादसे के वक्त मकान में 7 से 8 लोग मौजूद थे, जिनमें से नीचे मौजूद 5 लोग अचानक इमारत ढहने से मलबे के नीचे दब गए। उर्वशी और पीहू भी लड़ रहीं जिंदगी की जंग
बारूदी धमाके ने मंजीत के साथ पंतरवा बमरौली निवासी उनकी बहन को भी गहरे जख्म दिए हैं। रक्षाबंधन पर राखी बांधने घर आई मंजीत की बहन रूपा देवी और उनकी तीन बेटियां तो सुरक्षित बच गईं, लेकिन सबसे बड़ी बेटी 18 वर्षीय उर्वशी और सबसे छोटी बेटी सात वर्षीय पीहू गंभीर रूप से घायल हुई हैं। दोनों एसआरएन अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। उर्वशी और पीहू भी मां के साथ मामा के बेटों को राखी बांधने आई थीं। रूपा देवी के पति दिनेश चंद्र की बीते वर्ष तीन सितंबर को मौत हो चुकी है। घटना के समय रूपा देवी दवा लेने के लिए बाजार गई थी जिसकी वजह से उनकी जान बच गई। उनके पांच बेटियां और इनसे छोटा करीब चार वर्ष का एक बेटा है।ॉ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
पिता मंजीत का कहना है कि अपने दो बच्चों को खो चुका हूं। भरपाई तो नहीं हो पाएगी, लेकिन दोषियों को कड़ी सजा मिले ताकि आत्मा को तसल्ली हो। बच्चे खोने का दर्द क्या होता है, ये दोषियों को भी महसूस होना चाहिए। ​मुख्यमंत्री से अपील
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने सरकार व प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए अपील की है कि उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल का जायजा लें, पीड़ित परिवार से मिलें और उनकी समस्याओं को सुनकर न्याय दिलाएं। अब जानिए पूरा मामला
कौशांबी से 35 किमी दूर पिपरी थाना क्षेत्र में मनौरी गांव है। आबादी 25 हजार है। गांव से बाहर 1 किमी की दूरी पर नई बस्ती बस रही है। 8-10 घर बन चुके हैं। यहीं पर नौशाद अली ने कई साल पहले पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस लिया था। 8 अक्टूबर, 2024 को जांच में उसके गोदाम से 1200 किलो बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। इसके अगले दिन नौशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उसका लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया गया। नौशाद की ही फैक्ट्री में 31 अगस्त (सोमवार) को विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई। 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। 3 तो पूरी तरह से ढह गए। हादसे में 8 बच्चों समेत 11 की गई जान
मृतकों में मंजीत कुमार के दो बच्चे प्रियांजलि और प्रवीन सिंह शामिल हैं। वहीं, गया प्रसाद के तीन बच्चे जाह्नवी, आदित्य और रवि की भी मौत हुई है। गया प्रसाद की पत्नी अनीता (38) घायल हैं। उन्होंने मामले में फैक्ट्री मालिक के खिलाफ FIR लिखाई है। कहा- हादसे में मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया। इसी तरह, रेलकर्मी विक्रम खाना खाने घर आए थे। घटना में विक्रम, पत्नी अंजू, बेटी अंशू और बेटा नन्हा की जान चली गई। सबसे बड़ी बेटी संजना किराना की दुकान पर कुछ सामान लेने गई थी। इसलिए वह बच गई।
6 लोगों पर FIR, 4 टीमें गिरफ्तारी में लगीं कमिश्नर एम. लोकेश ने बताया- फिलहाल पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर था। आवासीय क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री कैसे चल रही थी, इसकी जांच कराई जाएगी। डीएम अमित पाल शर्मा ने बताया कि जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कौशांबी SP सत्यनारायण प्रजापति ने बताया कि इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ FIR लिखी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें बनाई गई हैं। यह फैक्ट्री अवैध तरीके से चल रही थी। इसका लाइसेंस 2 साल पहले ही रद्द किया जा चुका है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… प्रयागराज एयरफोर्स स्टेशन के पास पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 11 की मौत, इनमें 8 बच्चे यूपी में सोमवार को प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 झुलस गए। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई। 100 मीटर के दायरे में बने 8 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से 3 ढह गए। हादसा सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुआ। यह गांव प्रयागराज बॉर्डर पर है। यहां से मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन 2 किमी है। पढ़ें पूरी खबर…

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