नगर निगम में टेंडर से लेकर भुगतान की जांच शुरू:CDO ने 4 अभियंताओं से की पूछताछ, 3 चरणों में खुलेगा सिंडीकेट का खेल

नगर निगम में टेंडर से लेकर भुगतान की जांच शुरू:CDO ने 4 अभियंताओं से की पूछताछ, 3 चरणों में खुलेगा सिंडीकेट का खेल

कानपुर नगर निगम में ठेकेदारों के सिंडीकेट और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों की जांच शुरू हो गई है। सोमवार को सीडीओ अनुभव जे. जैन की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति की बैठक हुई। नगर निगम में साल 2024 से अब तक कराए गए विकास कार्यों के टेंडर की पड़ताल समिति करेगी। समिति 10 कार्य दिवस में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। सीडीओ ने नगर निगम के चारों अधिशासी अभियंताओं आलोक श्रीवास्तव, आरके तिवारी, कमलेश पटेल और दिवाकर भास्कर को विकास भवन बुलाकर पूछताछ की। उनसे उनके अधीन कराए गए कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और स्वीकृतियों से संबंधित जानकारी ली गई। समिति ने यह भी जानने की कोशिश कि टेंडर किस स्तर से पास हुए और किन कार्यों को लेकर शिकायतें या सवाल सामने आए हैं। टेंडर से संबंधित पूरी फाइलें लेकर नहीं पहुंचे अभियंता हालांकि बैठक में अभियंता टेंडर से संबंधित पूरी पत्रावलियां लेकर नहीं पहुंचे। इस पर सीडीओ ने अगली बैठक में अलग-अलग जोन के कार्यों से जुड़ी टेंडर फाइल, प्रशासनिक स्वीकृति, तकनीकी समेत वित्तीय दस्तावेज और भुगतान से संबंधित पूरी पत्रावली लेकर आने को कहा है। दस्तावेज मिलने के बाद ही समिति जांच को आगे बढ़ाएगी। तीन चरणों में खुलेगा टेंडर सिंडीकेट का खेल समिति में शामिल सदस्यों लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल पांडेय को सीडीओ ने जांच की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि पहले चरण में नगर निगम में पिछले दो सालों के दौरान कितनी फर्मों का पंजीकरण हुआ और उन्हें पंजीकरण किस आधार पर दिया गया, इसकी जांच होगी। फर्मों के दस्तावेज पूरे थे या नहीं और जिन फर्मों का पंजीकरण निरस्त हुआ, उनमें क्या कमियां थीं, यह भी देखा जाएगा। दूसरे चरण में बड़े टेंडरों और उनसे कराए गए कार्यों की स्थिति जांची जाएगी। कागजों में कार्य पूरा दिखाया गया है या वास्तव में मौके पर काम हुआ है। इसकी पड़ताल होगी। काम की गुणवत्ता, कर्मचारियों की भूमिका और संभावित मिलीभगत भी जांच के दायरे में रहेगी। इसके बाद तीसरे चरण में रैंडम चेकिंग कर भुगतान प्रक्रिया और सरकारी धन के इस्तेमाल की जांच की जाएगी। सीडीओ की बैठक के बीच नगर निगम पहुंची SIT एसआईटी की टीम भी नगर निगम मुख्यालय पहुंची। टीम करीब 15 मिनट तक अभियंत्रण विभाग में रही और अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया, लेकिन अधिकारी सीडीओ कार्यालय में बैठक के लिए बुलाए गए थे। अधिकारियों के नहीं मिलने पर एसआईटी टीम वापस लौट गई। अब नगर निगम के टेंडरों और ठेकेदार सिंडीकेट की जांच दो स्तरों पर आगे बढ़ने से अभियंत्रण विभाग में हलचल बढ़ गई है।

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