बदायूं में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक, पालना, झूला और मंदिर सजाने का सामान सज चुका है। श्रद्धालु भी खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंचने लगे हैं। इस बार लड्डू गोपाल की हैंडमेड पोशाक की सबसे ज्यादा मांग है। ये पोशाक छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक लगभग हर आकार में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, मथुरा और सूरत में तैयार होने वाली पोशाकों की भी अच्छी मांग देखी जा रही है। बाजार में लड्डू गोपाल के झूलने से लेकर फूल बंगला और मंदिर सजावट का सामान भी मौजूद है। श्रद्धालुओं की जेब के हिसाब से अलग-अलग कीमतों में सामान मिल रहा है। शहर में 20 रुपये से लेकर 800 रुपये तक के पालने उपलब्ध हैं, जिससे श्रद्धालु अपने बजट के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। देखें 3 तस्वीरें… श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर घरों से लेकर मंदिरों तक सजावट की जाती है। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय पूजा-अर्चना और आरती का विधान है। बदायूं को ब्रज प्रांत का आखिरी जिला माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान कृष्ण के जन्म की सूचना अगले दिन पहुंची थी, जिसके चलते बदायूं में एकादशी को जगतमोहन के स्वागत पर्व के रूप में मनाने की परंपरा है। जन्माष्टमी पर शहर के मंदिरों में आधी रात को आरती और विशेष पूजा होती है। वहीं, मुख्य आयोजन पुलिस लाइन में होता है, जहां मंदिर की परंपरागत सजावट के साथ पुलिस मॉडर्न स्कूल समेत अन्य स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। पोशाक और पालना के थोक व्यापारी मुनीश कुमार ने बताया कि जन्माष्टमी की खरीदारी शुरू हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बाजार में भीड़ बढ़ने और बिक्री में तेजी आने की संभावना है।

