जिले में मॉनसून की कंजूसी के कारण अगस्त माह में भी पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी है। अगस्त माह के अंतिम 2-3 दिनों से मौसम सुहावना रहा। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम वर्षा हुई है। सोमवार को सुबह में आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि दिन चढ़ते ही धूप खिलने से उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। हालांकि जिला मुख्यालय समेत इटाढ़ी, राजपुर समेत अन्य इलाकों को दोपहर में झमाझम बारिश भी हुई। सुबह से ही आसमान में उमड़ते घुमड़ते बादल छाए रहने के बाद लोगों को बारिश की आस जगी लेकिन दोपहर में गर्मी से परेशानी बढ़ने लगी। दिन चढ़ते ही गर्मी की तपिश बढ़ने के बाद लोगों को काफी दिक्कत हुई। बिजली की लुका-छिपी से लोगों की दिक्कत हुई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कमजोर मॉनसून के बावजूद जिले में रूक रूक हो रही वर्षा, नहर, बोरिंग व मोटर के सहारे धान की रोपाई का लक्ष्य पुरा हो चुका है। जिले में 97782.5 हेक्टेयर क्षेत्र में धान के बीचड़े की रोपाई हो चुकी है। यदि मॉनसूनी सीजन की बात की जाए तो जून जुलाई व अगस्त महीने बारिश के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं, जिसमें झमाझम बारिश होती है तथा खेती में भी तेजी आ जाती है। अब तक जुन, जुलाई व अगस्त माह में जिले में 468.24 मिलीमीटर औसत बारिश हुई है। जबकि इन 3 माह में 647.20 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। सामान्य से 27.65 फ़ीसदी वर्षा कम हुई है। इस वर्ष मानसून की कमजोर शुरुआत के कारण वर्षा की कमी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। अगस्त के शुरुआती दिनों में वर्षा कम हुई। अगस्त के अंतिम सप्ताह में भी स्थिति थोड़ी सुधरी है। इसके बावजूद किसानों ने अपने प्रयासों से धान रोपनी पूरी कर ली है। मौसम विशेषज्ञ कम वर्षा को अलनीनो का प्रभाव मान रहे हैं। दो दिनों के लिए अलर्ट बताते चले की आईएमडी के द्वारा वर्षा को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया जा रहा है। पिछले लगभग 15 दिनों से जिले के विभिन्न इलाकों में आईएमडी के द्वारा हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन वर्षा नाम मात्र का ही हुआ। बक्सर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया था, विभिन्न इलाकों में हल्की व माध्यम दर्जे का मेघ गर्जन व बारिश हो सकता है, लेकिन नहीं हो सका। तेज हवा चल सकती है। सोमवार को आसमान बादल छाए रहे, हल्की से मध्यम वर्षा भी हुई। वहीं 1 सितंबर को ऑरेंज अलर्ट व 2 सितंबर को येलो अलर्ट जारी किया गया है। जिले में मॉनसून की कंजूसी के कारण अगस्त माह में भी पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी है। अगस्त माह के अंतिम 2-3 दिनों से मौसम सुहावना रहा। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम वर्षा हुई है। सोमवार को सुबह में आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि दिन चढ़ते ही धूप खिलने से उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। हालांकि जिला मुख्यालय समेत इटाढ़ी, राजपुर समेत अन्य इलाकों को दोपहर में झमाझम बारिश भी हुई। सुबह से ही आसमान में उमड़ते घुमड़ते बादल छाए रहने के बाद लोगों को बारिश की आस जगी लेकिन दोपहर में गर्मी से परेशानी बढ़ने लगी। दिन चढ़ते ही गर्मी की तपिश बढ़ने के बाद लोगों को काफी दिक्कत हुई। बिजली की लुका-छिपी से लोगों की दिक्कत हुई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कमजोर मॉनसून के बावजूद जिले में रूक रूक हो रही वर्षा, नहर, बोरिंग व मोटर के सहारे धान की रोपाई का लक्ष्य पुरा हो चुका है। जिले में 97782.5 हेक्टेयर क्षेत्र में धान के बीचड़े की रोपाई हो चुकी है। यदि मॉनसूनी सीजन की बात की जाए तो जून जुलाई व अगस्त महीने बारिश के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं, जिसमें झमाझम बारिश होती है तथा खेती में भी तेजी आ जाती है। अब तक जुन, जुलाई व अगस्त माह में जिले में 468.24 मिलीमीटर औसत बारिश हुई है। जबकि इन 3 माह में 647.20 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। सामान्य से 27.65 फ़ीसदी वर्षा कम हुई है। इस वर्ष मानसून की कमजोर शुरुआत के कारण वर्षा की कमी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। अगस्त के शुरुआती दिनों में वर्षा कम हुई। अगस्त के अंतिम सप्ताह में भी स्थिति थोड़ी सुधरी है। इसके बावजूद किसानों ने अपने प्रयासों से धान रोपनी पूरी कर ली है। मौसम विशेषज्ञ कम वर्षा को अलनीनो का प्रभाव मान रहे हैं। दो दिनों के लिए अलर्ट बताते चले की आईएमडी के द्वारा वर्षा को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया जा रहा है। पिछले लगभग 15 दिनों से जिले के विभिन्न इलाकों में आईएमडी के द्वारा हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन वर्षा नाम मात्र का ही हुआ। बक्सर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया था, विभिन्न इलाकों में हल्की व माध्यम दर्जे का मेघ गर्जन व बारिश हो सकता है, लेकिन नहीं हो सका। तेज हवा चल सकती है। सोमवार को आसमान बादल छाए रहे, हल्की से मध्यम वर्षा भी हुई। वहीं 1 सितंबर को ऑरेंज अलर्ट व 2 सितंबर को येलो अलर्ट जारी किया गया है।

