मेरठ ज़िला कांग्रेस कमेटी ने उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी में कथित जातिवादी “शुद्धिकरण अनुष्ठान” करने वाले भाजपा/आरएसएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में ज़िला अधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज़िला प्रवक्ता सय्यद आमिर रज़ा ने बताया कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा “शुद्धिकरण अनुष्ठान” किया गया था। उन्होंने इसे संविधान में निहित सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों पर सीधा हमला बताया। इस घटना पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर राज्य सरकार के इशारे पर राहुल गांधी के खिलाफ ही हल्द्वानी सिटी कोतवाली में FIR दर्ज कर दी। कांग्रेस ने इसे सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और बदले की राजनीति करार दिया, जिसका उद्देश्य दलितों/वंचितों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाना है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता वसी अहमद रिज़वी ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज झूठी और प्रतिशोधात्मक FIR को तत्काल निरस्त किया जाए। उन्होंने हल्द्वानी में जातिवादी “शुद्धिकरण अनुष्ठान” करने वाले भाजपा/आरएसएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ SC/ST एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की। रिज़वी ने उत्तराखंड सरकार से राज्य-प्रायोजित उत्पीड़न पर रोक लगाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर और बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान नसीम सैफी, हेमंत प्रधान, मासूम असगर, अरुण कौशिक, हाजी शबनूर, एस के शाहरुख, अंसार अहमद, तरुण मालिक, उवैस अंसारी, शक्ति सिंह, आदेश शर्मा, एड ज़मीन, एड प्रशांत शर्मा, एड अजय प्रताप, इलियास राईन, जुनैद अंसारी, अयान अंसारी, राकेश शर्मा, अभिमन्यु त्यागी, मोनिंदर सूद वाल्मीकि, सोनू गौतम, केडी शर्मा, ताहिर अंसारी सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

