गाजीपुर में बहुचर्चित विनीत राय हत्याकांड में कटरा गैंग के सरगना और मुख्य आरोपी शंकर पांडेय के पिता रविशंकर उर्फ रविशेखर पांडेय को अदालत से राहत नहीं मिली। सोमवार शाम एडीजे शक्ति सिंह की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध किया था। अभियोजन की ओर से एडीजीसी अखिलेश सिंह ने अदालत को बताया कि रविशंकर पांडेय पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। विवेचना के दौरान उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों को देखते हुए अदालत ने जमानत याचिका अस्वीकार कर दी। शंकर के भाइयों समेत 3 आरोपियों की जमानत पहले हो चुकी है खारिज विनीत राय हत्याकांड में यह दूसरी बड़ी न्यायिक कार्रवाई है। इससे पहले 20 अगस्त को अदालत ने शंकर पांडेय के भाइयों सुमित पांडेय और सत्यप्रकाश पांडेय उर्फ मुन्नी समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालत ने अपराध की गंभीरता और जांच में सामने आए साक्ष्यों को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया था। बिंदु होटल के मालिक आलोक राय के बेटे विनीत राय की 29 मई की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि विनीत होटल से घर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान होटल के गेट के पास बदमाशों ने उन्हें घेरकर गोली मार दी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, कमलेश चौधरी बिंद, आलोक दुबे और सोनू यादव समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि पुरानी रंजिश के चलते रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। जून में गिरफ्तार हुए थे रविशंकर हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने जून के अंतिम सप्ताह में शंकर पांडेय के पिता रविशंकर उर्फ रविशेखर पांडेय को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उन पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इसके बाद शंकर के भाई सुमित पांडेय और सत्यप्रकाश पांडेय उर्फ मुन्नी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि कर चुकी है, जिनमें रविशंकर पांडेय भी शामिल हैं। शंकर पांडेय अब भी फरार, एक लाख का इनाम विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी और कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय अब भी फरार है। पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। उसके अलावा आलोक दुबे और सोनू यादव भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस और एसटीएफ की टीमें शंकर की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दे चुकी हैं। जून में उसके कोर्ट में सरेंडर करने की सूचना पर जिला न्यायालय में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था, लेकिन शंकर ने सरेंडर नहीं किया।

