कटिहार में बाढ़ में नाव चला रहे नाबालिग बच्चे:5-10 रुपए में पार उतार रहे, 5 दिन से बाढ़ में फंसे इलाके, सांसद ने जताई चिंता

कटिहार में बाढ़ में नाव चला रहे नाबालिग बच्चे:5-10 रुपए में पार उतार रहे, 5 दिन से बाढ़ में फंसे इलाके, सांसद ने जताई चिंता

कटिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां बच्चे नाव चलाकर लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रहे हैं। गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच ये बच्चे अपनी और यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह मामला कटिहार जिले के बरारी प्रखंड की मोहणाचंदपुर पंचायत का है, जहां पिछले लगभग 15 दिनों से लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण नाव ही आवागमन का मुख्य साधन बन गई है। 5 से 10 रुपये के लिए बच्चे चला रहे निजी नाव यहां 5 से 10 रुपये के लिए बच्चे निजी नावें चला रहे हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है, क्योंकि बच्चों के पास न तो पर्याप्त अनुभव है और न ही सुरक्षा के उचित उपाय। नाव चलाने वाले 12 वर्षीय अमित कुमार ने बताया कि जब भी बाढ़ आती है, वह नाव चलाता है और उसे लोगों से 5 से 10 रुपये मिल जाते हैं। वहीं, 11 वर्षीय मनीष कुमार ने कहा कि वह लोगों को ऊंचे स्थानों तक पहुंचाता है, जिसके लिए उसे 5 रुपये मिलते हैं। सांसद तारिक अनवर ने जताई चिंता इस मामले पर कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नावों और अनुभवी नाविकों दोनों की आवश्यकता है। सांसद ने आगाह किया कि यदि पानी का स्तर बढ़ता है और बच्चे नाव चलाते हैं, तो यह एक खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन से बच्चों को नाव चलाने से रोकने की अपील सांसद अनवर ने जिला प्रशासन और सरकार से इस स्थिति पर ध्यान देने और नाव चलाने की जिम्मेदारी वास्तविक नाविकों को सौंपने का आग्रह किया है। कटिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां बच्चे नाव चलाकर लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा रहे हैं। गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच ये बच्चे अपनी और यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह मामला कटिहार जिले के बरारी प्रखंड की मोहणाचंदपुर पंचायत का है, जहां पिछले लगभग 15 दिनों से लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण नाव ही आवागमन का मुख्य साधन बन गई है। 5 से 10 रुपये के लिए बच्चे चला रहे निजी नाव यहां 5 से 10 रुपये के लिए बच्चे निजी नावें चला रहे हैं। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है, क्योंकि बच्चों के पास न तो पर्याप्त अनुभव है और न ही सुरक्षा के उचित उपाय। नाव चलाने वाले 12 वर्षीय अमित कुमार ने बताया कि जब भी बाढ़ आती है, वह नाव चलाता है और उसे लोगों से 5 से 10 रुपये मिल जाते हैं। वहीं, 11 वर्षीय मनीष कुमार ने कहा कि वह लोगों को ऊंचे स्थानों तक पहुंचाता है, जिसके लिए उसे 5 रुपये मिलते हैं। सांसद तारिक अनवर ने जताई चिंता इस मामले पर कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नावों और अनुभवी नाविकों दोनों की आवश्यकता है। सांसद ने आगाह किया कि यदि पानी का स्तर बढ़ता है और बच्चे नाव चलाते हैं, तो यह एक खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन से बच्चों को नाव चलाने से रोकने की अपील सांसद अनवर ने जिला प्रशासन और सरकार से इस स्थिति पर ध्यान देने और नाव चलाने की जिम्मेदारी वास्तविक नाविकों को सौंपने का आग्रह किया है।  

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