रामायण मेला 13 दिसंबर से, CM योगी करेंगे उद्घाटन:16 दिसंबर को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के समापन समारोह में पहुंचने का प्रस्ताव

रामायण मेला 13 दिसंबर से, CM योगी करेंगे उद्घाटन:16 दिसंबर को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के समापन समारोह में पहुंचने का प्रस्ताव

अयोध्या में 45वें रामायण मेले के आयोजन की तारीख तय हो गई है। मणिराम छावनी में रविवार को रामायण मेला समिति की बैठक अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि इस वर्ष रामायण मेला 13 से 16 दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। बैठक में मेले के आयोजन, वित्तीय व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रचार-प्रसार को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। समिति के महामंत्री कमलेश सिंह ने पिछले वर्ष के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। साथ ही चालू वर्ष के आयोजन के लिए प्रस्तावित खर्च का विवरण भी रखा गया। CM योगी को उद्घाटन के लिए आमंत्रित करने की जिम्मेदारी बैठक में मेले के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं समापन समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को आमंत्रित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने की जिम्मेदारी बड़ा भक्तमाल महंत अवधेश दास को सौंपी गई। समिति ने तय किया कि मेले में देश के जाने-माने सांस्कृतिक कलाकार, गायक और अन्य कलाकार प्रस्तुति देंगे। प्रवचन सत्र की रूपरेखा जगद्गुरु के निर्देशन में तैयार की जाएगी। एक महीने पहले छपेंगे निमंत्रण कार्ड कार्यक्रम संयोजक आशीष मिश्रा ने मेले के प्रचार-प्रसार को मजबूत करने के लिए निमंत्रण कार्ड करीब एक माह पहले छपवाने का प्रस्ताव रखा। बैठक में नए कोषाध्यक्ष की नियुक्ति पर भी विचार किया गया। तुलसी दल पत्रिका के संपादक प्रो. डॉ. जनार्दन उपाध्याय ने पत्रिका में अयोध्या के अन्य धार्मिक आयोजनों की जानकारी प्रकाशित करने का सुझाव दिया। नागा राम लखन दास ने डॉ. भरत दास को समिति का सदस्य बनाए जाने का अनुरोध किया। दिवंगत सदस्यों को दी श्रद्धांजलि बैठक के अंत में समिति के दिवंगत सदस्यों पूर्व आईपीएस अधिकारी कुणाल किशोर, अयोध्या नरेश विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और उद्योगपति लक्ष्मीकांत झुनझुनवाला को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान नंद कुमार मिश्रा (पेड़ा महाराज), प्रभात शर्मा, शरद पति त्रिपाठी, आलोक बंसल, श्रीनिवास शास्त्री, साध्वी डॉ. सुनीता शास्त्री समेत समिति के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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