पोल में करंट आने से 55 वर्षीय महिला की मौत:बेतिया में घर के दरवाजे पर खड़ी थीं,परिजन बोले-‘बिजली विभाग की लापरवाही’

पोल में करंट आने से 55 वर्षीय महिला की मौत:बेतिया में घर के दरवाजे पर खड़ी थीं,परिजन बोले-‘बिजली विभाग की लापरवाही’

पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के राजाभार गांव के वार्ड नंबर-3 में बिजली के पोल में करंट प्रवाहित होने से 55 वर्षीय महिला शोभा देवी की मौत हो गई। मृतका की पहचान नेपाल सिंह की पत्नी शोभा देवी के रूप में हुई है। यह घटना तब हुई जब शोभा देवी अपने घर के दरवाजे के पास थीं। उन्होंने वहां लगे बिजली के पोल को छुआ, जिसके बाद वह तुरंत करंट की चपेट में आ गईं। करंट का झटका इतना तीव्र था कि वह गंभीर रूप से झुलस गईं और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। अर्थिंग वाले तार में आया करंट परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, घर के दरवाजे के पास लगे बिजली के पोल में अर्थिंग के लिए तार लगाया गया था, और इसी पोल में अचानक करंट प्रवाहित हो गया। परिजनों का कहना है कि यदि बिजली विभाग ने समय रहते पोल की जांच और उचित सुरक्षा व्यवस्था की होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन महिला की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेजा घटना की सूचना मिलते ही मझौलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

इस दर्दनाक घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिजली के पोल में करंट कैसे प्रवाहित हुआ? यदि अर्थिंग के लिए लगाए गए तार या पोल में करंट पहुंचा था। बिजली पोलों की जांच कराने की मांग तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, ग्रामीणों ने बिजली विभाग से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी बिजली पोलों की जांच कराने की मांग की है। पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के राजाभार गांव के वार्ड नंबर-3 में बिजली के पोल में करंट प्रवाहित होने से 55 वर्षीय महिला शोभा देवी की मौत हो गई। मृतका की पहचान नेपाल सिंह की पत्नी शोभा देवी के रूप में हुई है। यह घटना तब हुई जब शोभा देवी अपने घर के दरवाजे के पास थीं। उन्होंने वहां लगे बिजली के पोल को छुआ, जिसके बाद वह तुरंत करंट की चपेट में आ गईं। करंट का झटका इतना तीव्र था कि वह गंभीर रूप से झुलस गईं और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। अर्थिंग वाले तार में आया करंट परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, घर के दरवाजे के पास लगे बिजली के पोल में अर्थिंग के लिए तार लगाया गया था, और इसी पोल में अचानक करंट प्रवाहित हो गया। परिजनों का कहना है कि यदि बिजली विभाग ने समय रहते पोल की जांच और उचित सुरक्षा व्यवस्था की होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन महिला की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेजा घटना की सूचना मिलते ही मझौलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

इस दर्दनाक घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिजली के पोल में करंट कैसे प्रवाहित हुआ? यदि अर्थिंग के लिए लगाए गए तार या पोल में करंट पहुंचा था। बिजली पोलों की जांच कराने की मांग तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, ग्रामीणों ने बिजली विभाग से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी बिजली पोलों की जांच कराने की मांग की है।  

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