समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र में 2 दिन पहले एनएच-28 पर सड़क दुर्घटना में घायल भाकपा माले नेता गनौर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। वे ताजपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव के निवासी थे। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। भाकपा माले नेताओं ने मृतक के आश्रितों को कम से कम 5 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। मृतक के चचेरे भाई और भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ताजपुर गांधी चौक से पूरब एक निजी अस्पताल के पास नेशनल हाईवे पर किसी अज्ञात वाहन ने गनौर सिंह को ठोकर मार दी थी। दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पटना ले जाने के दौरान रास्ते में गई जान
हादसे के बाद उन्हें गंभीर अवस्था में गांधी चौक स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए उन्हें समस्तीपुर के आदर्शनगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच के दौरान चिकित्सकों ने उनके मस्तिष्क में रक्त का थक्का जमने की बात कही। स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। मृतक के भाई ने बताया कि एंबुलेंस से पीएमसीएच ले जाने के दौरान राजखंड से पहले बख्तियार रोड के पास उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल कायम हो गया। 5 लाख मुआवजा देने की मांग
मौत के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया। परिजनों और माले नेताओं ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले गनौर सिंह के आश्रितों को कम से कम 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाना चाहिए। गनौर सिंह के निधन पर माले नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, भाकपा माले लोकल कमेटी सचिव राजदेव प्रसाद सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, मोतीलाल सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, अमर भगत, विजय साह, शंकर महतो, अभय कुमार, जवाहर सिंह सहित कई ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र में 2 दिन पहले एनएच-28 पर सड़क दुर्घटना में घायल भाकपा माले नेता गनौर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। वे ताजपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव के निवासी थे। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। भाकपा माले नेताओं ने मृतक के आश्रितों को कम से कम 5 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। मृतक के चचेरे भाई और भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ताजपुर गांधी चौक से पूरब एक निजी अस्पताल के पास नेशनल हाईवे पर किसी अज्ञात वाहन ने गनौर सिंह को ठोकर मार दी थी। दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पटना ले जाने के दौरान रास्ते में गई जान
हादसे के बाद उन्हें गंभीर अवस्था में गांधी चौक स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर उपचार के लिए उन्हें समस्तीपुर के आदर्शनगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच के दौरान चिकित्सकों ने उनके मस्तिष्क में रक्त का थक्का जमने की बात कही। स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। मृतक के भाई ने बताया कि एंबुलेंस से पीएमसीएच ले जाने के दौरान राजखंड से पहले बख्तियार रोड के पास उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल कायम हो गया। 5 लाख मुआवजा देने की मांग
मौत के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया। परिजनों और माले नेताओं ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले गनौर सिंह के आश्रितों को कम से कम 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाना चाहिए। गनौर सिंह के निधन पर माले नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, भाकपा माले लोकल कमेटी सचिव राजदेव प्रसाद सिंह, दिनेश प्रसाद सिंह, मोतीलाल सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, अमर भगत, विजय साह, शंकर महतो, अभय कुमार, जवाहर सिंह सहित कई ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

