औरंगाबाद में तेज रफ्तार हाइड्रा ने साइकिल सवार किसान को रौंद दिया। हादसे में गंभीर रूप घायल हो गए। इलाज के लिए आनन-फानन में ग्रामीणों ने कुटुंबा अस्पताल रेफरल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान तमसी गांव निवासी रामराज मेहता के पुत्र प्रमोद मेहता (50) के रूप में हुई है। आरोप है कि गाड़ी चलाते समय ड्राइवर फोन पर बात कर रहा था, जिसके चलते ये हादसा हुआ है। घटना अंबा-नबीनगर रोड पर दधपा गांव स्थित ब्रह्म स्थान के पास की है। हादसे के विरोध में रोड जाम जानकारी के मुताबिक प्रमोद मेहता सरसों लेकर मिल पर तेल निकलवाने जा रहे थे। टक्कर लगते ही सड़क पर गिए गए। इस दौरान गाड़ी का चक्का उन पर चढ़ गया, जिसके चलते उनकी जान चली गई। मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन भड़क गए। हॉस्पिटल से शव लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। बीच रोड पर शव रखकर रोड जाम कर दिया। जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जानकारी मिलने के बाद अंबा और कुटुंबा पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित लोगों को समझाने और जाम हटवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण तत्काल कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग ग्रामीणों का आरोप है कि किसान को कुचलने वाला हाइड्रा भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में लगी कंपनी का है। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला। ड्राइवर की गिरफ्तारी और वाहन की पहचान कर कार्रवाई की मांग की गई है। हादसे के कारण अंबा-नबीनगर मुख्य मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ प्रमोद मेहता की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वह खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है। ऐसे में उनकी अचानक मौत ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।प्रमोद की एक बेटी की शादी पहले हो चुकी थी। अभी उनके बेटे प्रभु और एक बेटी की शादी की जिम्मेदारी बाकी थी। प्रशासन से मुआवजे की मांग परिवार को उम्मीद थी कि खेती-किसानी और मेहनत-मजदूरी कर प्रमोद बच्चों की शादी की जिम्मेदारी पूरी करेंगे, लेकिन सड़क हादसे ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पिता की मौत के बाद पुत्र प्रभु समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने, फरार ड्राइवर को गिरफ्तार करने और निर्माण कंपनी के स्तर से भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। औरंगाबाद में तेज रफ्तार हाइड्रा ने साइकिल सवार किसान को रौंद दिया। हादसे में गंभीर रूप घायल हो गए। इलाज के लिए आनन-फानन में ग्रामीणों ने कुटुंबा अस्पताल रेफरल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान तमसी गांव निवासी रामराज मेहता के पुत्र प्रमोद मेहता (50) के रूप में हुई है। आरोप है कि गाड़ी चलाते समय ड्राइवर फोन पर बात कर रहा था, जिसके चलते ये हादसा हुआ है। घटना अंबा-नबीनगर रोड पर दधपा गांव स्थित ब्रह्म स्थान के पास की है। हादसे के विरोध में रोड जाम जानकारी के मुताबिक प्रमोद मेहता सरसों लेकर मिल पर तेल निकलवाने जा रहे थे। टक्कर लगते ही सड़क पर गिए गए। इस दौरान गाड़ी का चक्का उन पर चढ़ गया, जिसके चलते उनकी जान चली गई। मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन भड़क गए। हॉस्पिटल से शव लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। बीच रोड पर शव रखकर रोड जाम कर दिया। जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जानकारी मिलने के बाद अंबा और कुटुंबा पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित लोगों को समझाने और जाम हटवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण तत्काल कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग ग्रामीणों का आरोप है कि किसान को कुचलने वाला हाइड्रा भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में लगी कंपनी का है। टक्कर मारने के बाद ड्राइवर मौके से भाग निकला। ड्राइवर की गिरफ्तारी और वाहन की पहचान कर कार्रवाई की मांग की गई है। हादसे के कारण अंबा-नबीनगर मुख्य मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ प्रमोद मेहता की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार घर के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वह खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है। ऐसे में उनकी अचानक मौत ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।प्रमोद की एक बेटी की शादी पहले हो चुकी थी। अभी उनके बेटे प्रभु और एक बेटी की शादी की जिम्मेदारी बाकी थी। प्रशासन से मुआवजे की मांग परिवार को उम्मीद थी कि खेती-किसानी और मेहनत-मजदूरी कर प्रमोद बच्चों की शादी की जिम्मेदारी पूरी करेंगे, लेकिन सड़क हादसे ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पिता की मौत के बाद पुत्र प्रभु समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने, फरार ड्राइवर को गिरफ्तार करने और निर्माण कंपनी के स्तर से भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

