बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण यह स्थिति बनी है। इसके साथ ही जिले से गुजरने वाली गंगा की सहायक नदियां कर्मनाशा, ठोरा और धर्मावती भी उफान पर हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, 30 अगस्त की सुबह 8 बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 58.89 मीटर दर्ज किया गया। पिछले दो घंटे से नदी का जलस्तर 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से 43 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले दस दिनों में गंगा के जलस्तर में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 20 अगस्त को जलस्तर 58.69 मीटर था, जो 22 अगस्त को बढ़कर 59.45 मीटर और 24 अगस्त को 59.57 मीटर तक पहुंच गया था। 6 घंटे तक जलस्तर रहा था स्थिर इसके बाद जलस्तर में गिरावट आई और 26 अगस्त को 58.89 मीटर तथा 27 अगस्त को 58.86 मीटर दर्ज किया गया। 27 अगस्त को लगभग छह घंटे तक जलस्तर स्थिर रहा था। गंगा के साथ-साथ सहायक नदियां कर्मनाशा, ठोरा और धर्मावती भी उफान पर हैं। इन नदियों में पानी बढ़ने से गंगा किनारे के निचले इलाकों और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नदी के जलस्तर और पानी के फैलाव पर लगातार नजर रख रहे हैं। बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण यह स्थिति बनी है। इसके साथ ही जिले से गुजरने वाली गंगा की सहायक नदियां कर्मनाशा, ठोरा और धर्मावती भी उफान पर हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, 30 अगस्त की सुबह 8 बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 58.89 मीटर दर्ज किया गया। पिछले दो घंटे से नदी का जलस्तर 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से 43 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले दस दिनों में गंगा के जलस्तर में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। 20 अगस्त को जलस्तर 58.69 मीटर था, जो 22 अगस्त को बढ़कर 59.45 मीटर और 24 अगस्त को 59.57 मीटर तक पहुंच गया था। 6 घंटे तक जलस्तर रहा था स्थिर इसके बाद जलस्तर में गिरावट आई और 26 अगस्त को 58.89 मीटर तथा 27 अगस्त को 58.86 मीटर दर्ज किया गया। 27 अगस्त को लगभग छह घंटे तक जलस्तर स्थिर रहा था। गंगा के साथ-साथ सहायक नदियां कर्मनाशा, ठोरा और धर्मावती भी उफान पर हैं। इन नदियों में पानी बढ़ने से गंगा किनारे के निचले इलाकों और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नदी के जलस्तर और पानी के फैलाव पर लगातार नजर रख रहे हैं।

