समस्तीपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर नवीन कुमार की मौत मामला पुलिस के लिए अब भी एक रहस्य बना हुआ है। पति की मौत के दो दिन बाद ही पत्नी अंशु अपने पिता के साथ ससुराल से चली गई। मथुरापुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर इलाके में गुरुवार को असिस्टेंट प्रोफेसर गंडक नदी में कूदे थे। मृतक की पहचान कल्याणपुर के केलुहारा वार्ड संख्या-8 निवासी 29 वर्षीय नवीन कुमार के रूप में हुई है। नवीन कुमार की नियुक्ति अप्रैल महीने में सीतामढ़ी के राजकीय प्लस टू डिग्री कॉलेज, परसौनी में सहायक प्रोफेसर के पद पर हुई थी। नौकरी मिलने के बाद वह अपनी पत्नी के साथ सीतामढ़ी में ही रह रहे थे। किसी पर आरोप लगाने से इनकार पिता उमेश महतो ने बताया कि नवीन उनका इकलौता पुत्र था और इसी साल मार्च में उसकी शादी हुई थी। किसी पर भी कोई आरोप नहीं है। इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। किसी के प्रति कोई शिकायत या गिला-शिकवा नहीं रखते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उमेश महतो संत निरंकारी मिशन से जुड़े हैं। उनका कहना है कि मिशन की शिक्षा लोगों की गलतियों को माफ करने की है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका धर्म और धन, दोनों चला गया, लेकिन वे किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहते। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर गुरुवार को नवीन कुमार अपनी पत्नी के साथ सीतामढ़ी से कामाख्या एक्सप्रेस से समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन से उतरने के बाद दोनों पति-पत्नी घर जाने के लिए गंडक नदी पुल की ओर जा रहे थे। पुल पर पहुंचते ही नवीन ने अचानक नदी में छलांग लगा दी। पति को नदी में छलांग लगाते देख पत्नी ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही मथुरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर गंडक नदी में खोजबीन शुरू की गई, लेकिन उस दिन कुछ पता नहीं चला। करीब 24 घंटे तक चले खोज अभियान के बाद शुक्रवार को लगभग 12 बजे बहादुरपुर इलाके के पास गंडक नदी से नवीन कुमार का शव बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान पत्नी ने बताया कि मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम लोगों के बीच झगड़े जैसी कोई बात नहीं थी। पिता बोले- बहू ने पहले नदी में गिरने की बात नहीं बताई नवीन के पिता उमेश महतो ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि उनकी बहू पुल पर रो रही है। वह लोगों से कह रही थी कि भीड़ की वजह से उनके पति कहीं खो गए हैं। सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचा और नवीन की खोजबीन शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। बहू को यह कहकर समझाया गया कि वह प्रोफेसर हैं। संभव है कि कहीं चले गए हैं, कुछ देर में वापस आ जाएंगे। लेकिन रात होने के बाद भी जब नवीन घर नहीं लौटा तो किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद थाने में आवेदन देकर पुलिस से उनकी तलाश करने की मांग की गई। परिवार की सहमति से हुई थी शादी नवीन के पिता उमेश महतो बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ट्यूशन पढ़ाकर ही अपने बेटे और बेटी की पढ़ाई कराई। परिवार संत निरंकारी मिशन के सत्संग में नियमित रूप से शामिल होता रहा है। उच्च शिक्षा के लिए नवीन को मोतिहारी भेजा गया। वहां मोतिहारी कॉलेज से स्नातक और एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद पीएचडी कर रहे थे। पिता के मिशन से जुड़े होने के कारण नवीन भी मोतिहारी स्थित संत निरंकारी मिशन के सत्संग में नियमित रूप से शामिल होते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात अंशु से हुई। अंशु के पिता राम कुमार सहनी भी संत निरंकारी मिशन से जुड़े थे। इसी कारण अंशु भी नियमित रूप से सत्संग में आती थी। धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। नवीन ने अंशु का बीटेक में दाखिला भी कराया था और उनकी पढ़ाई का खर्च भी उठा रहा था। मिशन से जुड़े लोगों ने कराई दोनों की शादी जब दोनों के रिश्ते की जानकारी परिवार को हुई तो संत निरंकारी मिशन से जुड़े लोगों ने दोनों परिवारों के साथ बैठक की। इसके बाद गत 6 मार्च 2026 को मिशन के नियमों के अनुसार बिना दान-दहेज के दोनों का अंतरजातीय विवाह करा दिया गया। इसी बीच गत 11 अगस्त को नवीन कुमार को निविदा के आधार पर सीतामढ़ी जिले के परसौन प्लस टू महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में नौकरी मिली। नौकरी ज्वॉइन करने के बाद वह अपनी पत्नी अंशु को लेकर सीतामढ़ी चले गए थे। ‘शक है तो आवेदन दीजिए, जांच होगी’ मथुरापुर थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से इस मामले में किसी व्यक्ति पर शक या आरोप लगाते हुए कोई आवेदन नहीं दिया गया है। परिजनों ने नवीन के लापता होने की सूचना थाने में दर्ज कराई थी। शव बरामद होने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया। अगर परिजन को किसी व्यक्ति पर शक है तो वे पुलिस को लिखित आवेदन दे सकते हैं। आवेदन मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। समस्तीपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर नवीन कुमार की मौत मामला पुलिस के लिए अब भी एक रहस्य बना हुआ है। पति की मौत के दो दिन बाद ही पत्नी अंशु अपने पिता के साथ ससुराल से चली गई। मथुरापुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर इलाके में गुरुवार को असिस्टेंट प्रोफेसर गंडक नदी में कूदे थे। मृतक की पहचान कल्याणपुर के केलुहारा वार्ड संख्या-8 निवासी 29 वर्षीय नवीन कुमार के रूप में हुई है। नवीन कुमार की नियुक्ति अप्रैल महीने में सीतामढ़ी के राजकीय प्लस टू डिग्री कॉलेज, परसौनी में सहायक प्रोफेसर के पद पर हुई थी। नौकरी मिलने के बाद वह अपनी पत्नी के साथ सीतामढ़ी में ही रह रहे थे। किसी पर आरोप लगाने से इनकार पिता उमेश महतो ने बताया कि नवीन उनका इकलौता पुत्र था और इसी साल मार्च में उसकी शादी हुई थी। किसी पर भी कोई आरोप नहीं है। इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। किसी के प्रति कोई शिकायत या गिला-शिकवा नहीं रखते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उमेश महतो संत निरंकारी मिशन से जुड़े हैं। उनका कहना है कि मिशन की शिक्षा लोगों की गलतियों को माफ करने की है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका धर्म और धन, दोनों चला गया, लेकिन वे किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहते। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर गुरुवार को नवीन कुमार अपनी पत्नी के साथ सीतामढ़ी से कामाख्या एक्सप्रेस से समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन से उतरने के बाद दोनों पति-पत्नी घर जाने के लिए गंडक नदी पुल की ओर जा रहे थे। पुल पर पहुंचते ही नवीन ने अचानक नदी में छलांग लगा दी। पति को नदी में छलांग लगाते देख पत्नी ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही मथुरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर गंडक नदी में खोजबीन शुरू की गई, लेकिन उस दिन कुछ पता नहीं चला। करीब 24 घंटे तक चले खोज अभियान के बाद शुक्रवार को लगभग 12 बजे बहादुरपुर इलाके के पास गंडक नदी से नवीन कुमार का शव बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान पत्नी ने बताया कि मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम लोगों के बीच झगड़े जैसी कोई बात नहीं थी। पिता बोले- बहू ने पहले नदी में गिरने की बात नहीं बताई नवीन के पिता उमेश महतो ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि उनकी बहू पुल पर रो रही है। वह लोगों से कह रही थी कि भीड़ की वजह से उनके पति कहीं खो गए हैं। सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचा और नवीन की खोजबीन शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। बहू को यह कहकर समझाया गया कि वह प्रोफेसर हैं। संभव है कि कहीं चले गए हैं, कुछ देर में वापस आ जाएंगे। लेकिन रात होने के बाद भी जब नवीन घर नहीं लौटा तो किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद थाने में आवेदन देकर पुलिस से उनकी तलाश करने की मांग की गई। परिवार की सहमति से हुई थी शादी नवीन के पिता उमेश महतो बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ट्यूशन पढ़ाकर ही अपने बेटे और बेटी की पढ़ाई कराई। परिवार संत निरंकारी मिशन के सत्संग में नियमित रूप से शामिल होता रहा है। उच्च शिक्षा के लिए नवीन को मोतिहारी भेजा गया। वहां मोतिहारी कॉलेज से स्नातक और एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद पीएचडी कर रहे थे। पिता के मिशन से जुड़े होने के कारण नवीन भी मोतिहारी स्थित संत निरंकारी मिशन के सत्संग में नियमित रूप से शामिल होते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात अंशु से हुई। अंशु के पिता राम कुमार सहनी भी संत निरंकारी मिशन से जुड़े थे। इसी कारण अंशु भी नियमित रूप से सत्संग में आती थी। धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। नवीन ने अंशु का बीटेक में दाखिला भी कराया था और उनकी पढ़ाई का खर्च भी उठा रहा था। मिशन से जुड़े लोगों ने कराई दोनों की शादी जब दोनों के रिश्ते की जानकारी परिवार को हुई तो संत निरंकारी मिशन से जुड़े लोगों ने दोनों परिवारों के साथ बैठक की। इसके बाद गत 6 मार्च 2026 को मिशन के नियमों के अनुसार बिना दान-दहेज के दोनों का अंतरजातीय विवाह करा दिया गया। इसी बीच गत 11 अगस्त को नवीन कुमार को निविदा के आधार पर सीतामढ़ी जिले के परसौन प्लस टू महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में नौकरी मिली। नौकरी ज्वॉइन करने के बाद वह अपनी पत्नी अंशु को लेकर सीतामढ़ी चले गए थे। ‘शक है तो आवेदन दीजिए, जांच होगी’ मथुरापुर थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से इस मामले में किसी व्यक्ति पर शक या आरोप लगाते हुए कोई आवेदन नहीं दिया गया है। परिजनों ने नवीन के लापता होने की सूचना थाने में दर्ज कराई थी। शव बरामद होने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया। अगर परिजन को किसी व्यक्ति पर शक है तो वे पुलिस को लिखित आवेदन दे सकते हैं। आवेदन मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।

