मधेपुरा में डीईओ कार्यालय के सामने शिक्षकों का धरना:भ्रष्टाचार और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन, 5 सितंबर को सत्याग्रह की चेतावनी

मधेपुरा में डीईओ कार्यालय के सामने शिक्षकों का धरना:भ्रष्टाचार और लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन, 5 सितंबर को सत्याग्रह की चेतावनी

मधेपुरा में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने शनिवार को डीईओ कार्यालय के सामने धरना दिया। यह प्रदर्शन शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, घूसखोरी और शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया गया। धरना की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भुवन कुमार ने की। रात करीब 8 बजे जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार से वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और बेहतर पठन-पाठन की अपेक्षा करता है। नियमों का पालन न करने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी शिक्षकों की समस्याओं के समाधान में टालमटोल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों को अपने काम के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई मामलों में अवैध राशि की मांग की जाती है। पप्पू ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और घूसखोरी पर रोक लगाने तथा शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में ‘शिक्षक सत्याग्रह’ आयोजित कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा धरने के बाद संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक मांगपत्र सौंपा। इसमें शिक्षकों से अवैध वसूली बंद करने, लंबित वेतन और बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने, प्रोन्नति संबंधी मामलों का निष्पादन करने, ईपीएफ राशि जमा कराने और लंबित अवकाश स्वीकृत करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, जिला व प्रखंड कार्यालयों में शिकायत पुस्तिका उपलब्ध कराने और कार्यों के निष्पादन की समय सीमा निर्धारित करने की भी मांग की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शिक्षकों ने ज्ञापन दिया है जिस पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथी शिक्षकों के समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मधेपुरा में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने शनिवार को डीईओ कार्यालय के सामने धरना दिया। यह प्रदर्शन शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, घूसखोरी और शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किया गया। धरना की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष भुवन कुमार ने की। रात करीब 8 बजे जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार से वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और बेहतर पठन-पाठन की अपेक्षा करता है। नियमों का पालन न करने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी शिक्षकों की समस्याओं के समाधान में टालमटोल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों को अपने काम के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई मामलों में अवैध राशि की मांग की जाती है। पप्पू ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और घूसखोरी पर रोक लगाने तथा शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में ‘शिक्षक सत्याग्रह’ आयोजित कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा धरने के बाद संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक मांगपत्र सौंपा। इसमें शिक्षकों से अवैध वसूली बंद करने, लंबित वेतन और बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने, प्रोन्नति संबंधी मामलों का निष्पादन करने, ईपीएफ राशि जमा कराने और लंबित अवकाश स्वीकृत करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, जिला व प्रखंड कार्यालयों में शिकायत पुस्तिका उपलब्ध कराने और कार्यों के निष्पादन की समय सीमा निर्धारित करने की भी मांग की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शिक्षकों ने ज्ञापन दिया है जिस पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथी शिक्षकों के समस्याओं का समाधान किया जाएगा।  

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