वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने शनिवार रात क्राइम मीटिंग के दौरान तीनों जोन के अफसरों को जमकर लताड़ लगाई। शहर से लेकर देहात तक पुलिस की लापरवाही से हुई फजीहत पर भी खूब बरसे। थानेदारों को मनमानी और अकर्मण्यता के बीच पुलिस कमिश्नर ने कई थानों से इंस्पेक्टरों को हटाकर पुलिस लाइन का रास्ता दिखाया। सावन के समय काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र के चौक थाने पर कानून व्यवस्था में फेल दिलीप मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया। दिलीप मिश्रा सीपी की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। थाने में टीका लगाने वाले पंडा और पुरोहितों से उठक बैठक करवाने पर अफसरों को खूब खरी खोटी सुननी पड़ी। वहीं श्रेया हत्याकांड में लापरवाही और वारदात में एक्शन नहीं लेने वाले प्रभारी निरीक्षक दयाराम को भी लाइन हाजिर कर दिया। गैर जनपद ट्रांसफर हुए राजीव सिंह को फूलपुर से रिलीव कर दिया गया। इसके साथ ही कई थानेदारों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया। कैंट सर्किल में बेहतर कामकाज नहीं संभाल पा रहे अपूर्ण पांडे को एसीपी कैंट के पद से हटा दिया गया है। सीपी ने उन्हें एसीपी साइबर क्राइम का प्रभार दिया है। वहीं अवकाश से लौटी महिला एसीपी प्रज्ञा पाठक को एसीपी कैंट का चार्ज दिया। उनके काम और परिणाम के अनुसार नए थानों पर तैनाती देते हुए बेहतर कामकाज की चेतावनी दी।
वाराणसी में थानेदारों और अफसरों की कारगुजारी से पुलिस की फजीहत पुलिस कमिश्नर की क्राइम मीटिंग में खूब गूंजी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने जब मीटिंग शुरू की तो थाना क्षेत्रों में वारदातों में लापरवाही और निष्क्रीयता के पन्ने पलटे। निशाने पर सबसे पहले राजातालाब के इंस्पेक्टर दयाराम रहे, जिन्हें छात्रा श्रेया हत्याकांड में बेहद लापरवाह माना गया। वारदात में परिवार की सूचना और कवायद के बावजूद थानेदार परिवार को गुमराह करते रहे और उनकी एक नहीं सुनी। इसके बाद पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सावन के दौरान चौक SHO दिलीप मिश्रा की कराई फजीहत पर तेवर दिखाएं। थाने में पुरोहितों से उठक बैठक कराने के मामले में पहले जमकर लताड़ लगाई और चौक इंस्पेक्टर के पद तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश जारी किया। गोष्ठी शुरू होते ही उन्होंने सबसे पहले इन दोनों थानों के प्रदर्शन की समीक्षा की और खराब प्रदर्शन पर अफसरों से थाने छीनकर पैदल कर दिया। सीपी ने 3 थानेदारों को लाइन भेजकर 9 थानाध्यक्षों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया। पंकज सिंह चौहान को एसओजी-2 का नया प्रभारी बनाया। पुलिस आयुक्त ने सभी थानेदारों को चेतावनी दी कि बेहतर पुलिसिंग ही वाराणसी पुलिस बल की पहचान बनेगी। लापरवाही किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। प्रदर्शन आधारित जवाबदेही तय की गई है। जो अच्छा काम करेगा वही थाने पर रहेगा, जो निष्क्रिय रहेगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी। गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी सहित डीसीपी गोमती नीतू कादयान, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, डीसीपी काशी गौरव बंसवाल समेत सभी ADCP, ACP और सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।

