प्रयागराज में स्वाइन फ्लू को लेकर जारी अलर्ट के बीच पहला मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। जिले के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। सरायइनायत की रहने वाली एक 50 वर्षीय महिला एक सप्ताह सर्दी-जुकाम से पीड़ित थी। परिजन उसे एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। इस बीच जांच के दौरान स्वाइन फ्लू (एच-1, एन-1) के संक्रमण की पुष्टि होने पर एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। शुक्रवार रात में महिला का आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है और मेडिसिन विभाग की टीम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी एवं उपचार कर रही है। स्वाइन फ्लू के नोडल प्रभारी डॉ. सुजीत वर्मा ने बताया कि मरीज को निमोनिया की भी शिकायत है। अस्पताल में मेडिसिन वार्ड में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड आरक्षित किया गया है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू के जांच की सुविधा और संबंधित दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। एच-1, एन-1 के मरीज सामान्य उपचार से ठीक हो जाते हैं। लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, डायबिटीज, हृदय, फेफड़े व किडनी की बीमारी वाले मरीजों में संक्रमण गंभीर हो सकता है। यदि तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस फूलने जैसे लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, डायबिटीज, हृदय, फेफड़े व किडनी की बीमारी वाले मरीजों में संक्रमण गंभीर हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी नियमित रिपोर्ट वहीं स्वाइन फ्लू को लेकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की ओर से आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिग में जिले के सभी चिकित्साधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, प्रमुख व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण शामिल हुए। एसआरएन अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीलम ने बताया कि मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देश के अनुसार स्वाइन फ्लू से संबंधित जांच रिपोर्ट और मरीजों की स्थिति के बारे में सीएमओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सीएमओ ने बेली, कॉल्विन, सीएचसी व पीएचसी में डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू को लेकर निर्देश जारी किया है।

