संथाली पेपर में आउट ऑफ सिलेबस सवाल, अभ्यर्थी भड़के:रणधीर वर्मा चौक पर दिया धरना, रांची में राज्यव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

संथाली पेपर में आउट ऑफ सिलेबस सवाल, अभ्यर्थी भड़के:रणधीर वर्मा चौक पर दिया धरना, रांची में राज्यव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी

संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे जाने को लेकर अभ्यर्थियों ने शनिवार को रणधीर वर्मा चौक स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस प्रदर्शन में शामिल हुए और परीक्षा आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) समेत राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में संथाली विषय के प्रश्नपत्र में निर्धारित पाठ्यक्रम से अलग सवाल पूछे गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से ‘महुआ को संस्कृत में क्या कहते हैं?’ जैसे सवाल पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि संथाली विषय की परीक्षा में भाषा, साहित्य, लिपि और संस्कृति से जुड़े सवाल होने चाहिए, जबकि कथित तौर पर संस्कृत साहित्य से संबंधित प्रश्न पूछे गए। पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता मनमोहन हेम्ब्रम ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने में इस तरह की लापरवाही अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर डालती है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, सोनात संथाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण सोरेन ने भी इस मामले को गंभीर बताया। उन्होंने सरकार और परीक्षा आयोग से इस पर संज्ञान लेने की मांग की। अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र की समीक्षा कर उनके हित में उचित निर्णय लेने की अपील की है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राज्यस्तर पर ले जाया जाएगा। इसके तहत 2 सितंबर को रांची की बापू वाटिका में एक बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की गई है। संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछे जाने को लेकर अभ्यर्थियों ने शनिवार को रणधीर वर्मा चौक स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस प्रदर्शन में शामिल हुए और परीक्षा आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। अभ्यर्थियों का आरोप है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) समेत राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में संथाली विषय के प्रश्नपत्र में निर्धारित पाठ्यक्रम से अलग सवाल पूछे गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से ‘महुआ को संस्कृत में क्या कहते हैं?’ जैसे सवाल पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि संथाली विषय की परीक्षा में भाषा, साहित्य, लिपि और संस्कृति से जुड़े सवाल होने चाहिए, जबकि कथित तौर पर संस्कृत साहित्य से संबंधित प्रश्न पूछे गए। पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता मनमोहन हेम्ब्रम ने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने में इस तरह की लापरवाही अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर डालती है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, सोनात संथाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण सोरेन ने भी इस मामले को गंभीर बताया। उन्होंने सरकार और परीक्षा आयोग से इस पर संज्ञान लेने की मांग की। अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र की समीक्षा कर उनके हित में उचित निर्णय लेने की अपील की है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राज्यस्तर पर ले जाया जाएगा। इसके तहत 2 सितंबर को रांची की बापू वाटिका में एक बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की गई है।  

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