मार्च तक 80 हजार घरों में पहुंचेगा नल का पानी:बिहारशरीफ में बनेंगी 13 नई जलमीनार, ​शहरी जलापूर्ति फेज-टू के तहत 60 एमएलडी जलापूर्ति होगी

मार्च तक 80 हजार घरों में पहुंचेगा नल का पानी:बिहारशरीफ में बनेंगी 13 नई जलमीनार, ​शहरी जलापूर्ति फेज-टू के तहत 60 एमएलडी जलापूर्ति होगी

​गर्मी के मौसम में बिहार शरीफ शहरवासियों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। शहरी जलापूर्ति योजना (फेज-2) के तहत मार्च 2027 तक नगर निगम के सभी 51 वार्डों में नल-जल का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके जरिए शहर के पुराने वार्डों के साथ-साथ पांच नए विस्तारित वार्डों के करीब 80 हजार घरों तक पाइपलाइन से सीधे शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र के करीब 80 हजार घरों तक नियमित पानी पहुंचाने के लिए प्रतिदिन लगभग 60 एमएलडी (6 करोड़ लीटर) पानी की आवश्यकता होगी। इसमें पुराने वार्डों के 59,562 घर और विस्तारित पांच वार्डों के 20,485 घर शामिल हैं। योजना के तहत विस्तारित क्षेत्रों को पहली बार व्यवस्थित जलापूर्ति नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे गर्मी के दिनों में अचानक बढ़ने वाली मांग को आसानी से पूरा किया जा सके। ​शहर में जलमीनारों की संख्या बढ़कर होगी 23 बुडको के सहायक अभियंता कुंदन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में शहर में 10 जलमीनार कार्यरत हैं। जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए 13 नई उच्च क्षमता वाली जलमीनारों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके बाद कुल जलमीनारों की संख्या 23 हो जाएगी। नई जलमीनारों का निर्माण महलपर, छोटी पहाड़ी, नालंदा महिला कॉलेज, अंबेर, ईमादपुर, लोहगानी, खरजंमा, शिवाजीनगर, कोसुक, रांची-पटना हाईवे, मघड़ा और रामलखन सिंह यादव कॉलेज के समीप तेजी से चल रहा है। ​मघड़ा में सबसे बड़ा जलभंडारण केंद्र क्षेत्रवार जरूरतों के अनुसार जलमीनारों की क्षमता 5.5 लाख से 23 लाख लीटर तक रखी गई है। मघड़ा में सबसे बड़ी 23 लाख लीटर (2300 केएल) क्षमता की जलमीनार बन रही है। इसके अलावा कोसुक व रांची-पटना हाईवे में 12-12 लाख लीटर, रामलखन सिंह यादव कॉलेज के पास 13.5 लाख लीटर, छोटी पहाड़ी में 9.5 लाख लीटर, लोहगानी, महलपर व खरजंमा में 8-8 लाख लीटर, शिवाजीनगर में 7 लाख लीटर, अंबेर व ईमादपुर में 6-6 लाख लीटर तथा नालंदा महिला कॉलेज में 5.5 लाख लीटर क्षमता के जलाशय बनाए जा रहे हैं। ​जलस्रोतों को मजबूत करने के लिए 23 नई बोरिंग प्रस्तावित पेयजल के मुख्य स्रोतों को सुदृढ़ करने के लिए बुडको ने शहर के 23 चिन्हित स्थानों पर उच्च क्षमता की बोरिंग कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। विभागीय स्वीकृति के बाद बोरिंग का काम शुरू होगा, जिससे शहर के कम दबाव वाले इलाकों में भी भरपूर पानी मिल सकेगा। नई जलमीनारों और विस्तारित पाइपलाइन नेटवर्क के चालू होते ही शहर में पेयजल संकट और लो-प्रेशर की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। ​गर्मी के मौसम में बिहार शरीफ शहरवासियों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। शहरी जलापूर्ति योजना (फेज-2) के तहत मार्च 2027 तक नगर निगम के सभी 51 वार्डों में नल-जल का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके जरिए शहर के पुराने वार्डों के साथ-साथ पांच नए विस्तारित वार्डों के करीब 80 हजार घरों तक पाइपलाइन से सीधे शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र के करीब 80 हजार घरों तक नियमित पानी पहुंचाने के लिए प्रतिदिन लगभग 60 एमएलडी (6 करोड़ लीटर) पानी की आवश्यकता होगी। इसमें पुराने वार्डों के 59,562 घर और विस्तारित पांच वार्डों के 20,485 घर शामिल हैं। योजना के तहत विस्तारित क्षेत्रों को पहली बार व्यवस्थित जलापूर्ति नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे गर्मी के दिनों में अचानक बढ़ने वाली मांग को आसानी से पूरा किया जा सके। ​शहर में जलमीनारों की संख्या बढ़कर होगी 23 बुडको के सहायक अभियंता कुंदन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में शहर में 10 जलमीनार कार्यरत हैं। जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए 13 नई उच्च क्षमता वाली जलमीनारों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके बाद कुल जलमीनारों की संख्या 23 हो जाएगी। नई जलमीनारों का निर्माण महलपर, छोटी पहाड़ी, नालंदा महिला कॉलेज, अंबेर, ईमादपुर, लोहगानी, खरजंमा, शिवाजीनगर, कोसुक, रांची-पटना हाईवे, मघड़ा और रामलखन सिंह यादव कॉलेज के समीप तेजी से चल रहा है। ​मघड़ा में सबसे बड़ा जलभंडारण केंद्र क्षेत्रवार जरूरतों के अनुसार जलमीनारों की क्षमता 5.5 लाख से 23 लाख लीटर तक रखी गई है। मघड़ा में सबसे बड़ी 23 लाख लीटर (2300 केएल) क्षमता की जलमीनार बन रही है। इसके अलावा कोसुक व रांची-पटना हाईवे में 12-12 लाख लीटर, रामलखन सिंह यादव कॉलेज के पास 13.5 लाख लीटर, छोटी पहाड़ी में 9.5 लाख लीटर, लोहगानी, महलपर व खरजंमा में 8-8 लाख लीटर, शिवाजीनगर में 7 लाख लीटर, अंबेर व ईमादपुर में 6-6 लाख लीटर तथा नालंदा महिला कॉलेज में 5.5 लाख लीटर क्षमता के जलाशय बनाए जा रहे हैं। ​जलस्रोतों को मजबूत करने के लिए 23 नई बोरिंग प्रस्तावित पेयजल के मुख्य स्रोतों को सुदृढ़ करने के लिए बुडको ने शहर के 23 चिन्हित स्थानों पर उच्च क्षमता की बोरिंग कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। विभागीय स्वीकृति के बाद बोरिंग का काम शुरू होगा, जिससे शहर के कम दबाव वाले इलाकों में भी भरपूर पानी मिल सकेगा। नई जलमीनारों और विस्तारित पाइपलाइन नेटवर्क के चालू होते ही शहर में पेयजल संकट और लो-प्रेशर की समस्या से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।  

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