अंबाला में फर्जी दस्तावेजों से लोन लेकर लाखों रुपए हड़पे:निगम के मैनेजर समेत 8 पर FIR; दलालों और अन्य कर्मियों की भूमिका की होगी जांच

अंबाला में फर्जी दस्तावेजों से लोन लेकर लाखों रुपए हड़पे:निगम के मैनेजर समेत 8 पर FIR; दलालों और अन्य कर्मियों की भूमिका की होगी जांच

अंबाला कैंट में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी ऋण हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया है। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (पंचकूला) के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने महेश नगर थाने में निगम के तत्कालीन जिला प्रबंधक चंद्र प्रकाश और 8 लाभार्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जाली दस्तावेज तैयार करने की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पंचकूला स्थित ‘हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम’ के अधीक्षक योगेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक अंबाला के माध्यम से महेश नगर थाना (अंबाला कैंट) में शिकायत दर्ज कराई है। निगम द्वारा हरियाणा के अनुसूचित जाति (SC) के लोगों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण दिया जाता है। शिकायत के अनुसार, अंबाला जिला कार्यालय में वर्ष 2020, 2021 और 2022 के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत कुछ व्यक्तियों ने अनुसूचित जाति की पात्रता के आधार पर गलत और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करके ऋण की राशि हासिल कर ली।
फर्जी दस्तावेज और ओबीसी-सामान्य वर्ग द्वारा लाभ उठाने का मामला
निगम की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कुल 8 लाभार्थियों ने जाली या छेड़छाड़ (Tampered) किए गए जाति प्रमाण पत्र लगाकर लाखों रुपये का लोन लिया। DRM ऑफिस अंबाला कैंट के पास चंद्रपुरी कॉलोनी के रहने वाले दलीप कुमार (60,000 रुपये), विवेक कुमार (60,000 रुपये) और नवीन कुमार (60,000 रुपये) पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंध रखते हैं, लेकिन SC का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर लोन लिया।
बीडी फ्लोर के पीछे, लक्ष्मी नगर की रहने वाली अनुपमा (60,000 रुपये), कच्चा बाजार की पूनम (75,000 रुपये), सुंदर नगर की तारा देवी (75,000 रुपये) और शालीमार बाग की मीनाक्षी (75,000 रुपये) के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ पाई गई।
पटेल नगर निवासी जतिन (1,00,000 रुपये) ब्राह्मण जाति से संबंध रखता है, जिसने अल्पसंख्यक योजना के तहत खुद को ईसाई बताकर धोखाधड़ी से ऋण लिया। तत्कालीन जिला प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन जिला प्रबंधक अंबाला, चंद्र प्रकाश की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है और उनके मिलीभगत होने का अंदेशा है। निगम ने मांग की है कि तत्कालीन अधिकारी और सभी 8 लाभार्थियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सरकारी धन की बरामदगी की जाए, साथ ही किसी अन्य दलाल या कर्मचारी की संलिप्तता होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शिकायत पर दर्ज किया केस
निगम की जांच रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर महेश नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने तत्कालीन जिला प्रबंधक चंद्र प्रकाश और 8 लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर संख्या 286, दिनांक 27.08.2026 के तहत आईपीसी (IPC) की धारा 420, 467, 468 और 471 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।

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