योगी सरकार के अन्नकला बोर्ड सर्वे का स्वागत:लखनऊ में भोजवाल समाज ने पिछड़ा घोषित करने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग

योगी सरकार के अन्नकला बोर्ड सर्वे का स्वागत:लखनऊ में भोजवाल समाज ने पिछड़ा घोषित करने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग

लखनऊ के हजरतगंज स्थित यूपी प्रेस क्लब में गुरुवार को भोजवाल समाज ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान समाज ने श्री अन्नकला बोर्ड के गठन के लिए सर्वे कराने के योगी सरकार के फैसले का स्वागत किया। भोजवाल फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पिछड़ा वर्ग आयोग का आभार व्यक्त किया। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस बोर्ड के गठन से समाज की पारंपरिक अन्नकला को सरकारी पहचान मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। भोजवाल फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष इंजीनियर उमाशंकर भोजवाल ने बताया कि भुर्जी समाज सदियों से अपनी अन्नकला और पाक परंपरा के लिए जाना जाता है। विवाह, भंडारे और अन्य धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में समाज की भोजन कला की एक विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज के लोग बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और चौराहों पर भुने अनाज का स्वाद लोगों तक पहुंचाते हैं, लेकिन अब तक उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कोई ठोस सरकारी मंच नहीं मिला था। 2 अक्टूबर से ‘जागृति यात्रा’ निकाली जाएगी भोजवाल फाउंडेशन के उपाध्यक्ष रामजी भोजवाल ने मांग की कि प्रस्तावित बोर्ड में भुर्जी समाज के अनुभवी, शिक्षित और जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। इससे समाज की समस्याओं और जरूरतों को सरकार तक बेहतर ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण भोजवाल ‘आजाद’ ने घोषणा की कि 2 अक्टूबर से प्रदेशभर में भोजवाल फाउंडेशन की ओर से ‘जागृति यात्रा’ निकाली जाएगी। इस यात्रा के माध्यम से श्री अन्नकला बोर्ड के गठन के साथ-साथ समाज को पिछड़े वर्ग में ‘सर्वाधिक पिछड़ा’ घोषित करने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने की मांग उठाई जाएगी। 78 साल में भोजवाल सांसद-विधायक नहीं बने फाउंडेशन के महासचिव डॉ. मनोहर गुप्ता ‘कानू’ ने कहा कि भुर्जी, कानू और भोजवाल समाज अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो रहा है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक उन्हें उनके हक और अधिकार नहीं मिलते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। डॉ. कानू ने यह भी बताया कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी उत्तर प्रदेश में समाज का कोई सांसद या विधायक नहीं है, इसलिए राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए समाज को संगठित होकर काम करना होगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *