जबलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने ‘विद्यार्थी हुंकार’ अभियान के तहत गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी ने प्रदेश के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को हो रही परेशानियों को देखते हुए 17 सूत्रीय मांगें उठाई हैं। इन मांगों में स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ छात्रावास, पुस्तकालय सुविधा, प्रयोगशालाओं का उन्नयन, खेल सुविधाएं, पर्यावरणयुक्त परिसर, बैठने एवं विश्राम की व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था (सीसीटीवी कैमरे, बाउंड्रीवॉल), साइकिल/वाहन पार्किंग, इंटरनेट एवं डिजिटल सुविधा, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं, प्राथमिक उपचार सुविधा, विद्यार्थी सहायता केंद्र, कॉमन रूम, कैंटीन सुविधा और विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल जैसी मूलभूत आवश्यकताएं शामिल हैं। एबीवीपी का कहना है कि विद्यार्थी पूरी फीस जमा करते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। एबीवीपी ने जोर दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। संगठन ने सरकार से इन मांगों पर तत्काल संज्ञान लेने और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट या उच्च स्तर की स्वीकृति आवश्यक है, उनके लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजे जाएं और विद्यार्थी प्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए। प्रदर्शन के बाद, प्रशासन की ओर से एबीवीपी प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। यह ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार तक भेजा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की भावनाओं और मांगों से मंत्री को अवगत कराकर उन पर उचित विचार और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

